SMC Broking के नाम पर फर्जी ऐप बनाकर लोगों को फंसाता था आरोपी, 31 लाख रुपये होल्ड, क्रिप्टो और हवाला के जरिए छिपाता था रकम
बरेली : शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर करीब 49 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को साइबर क्राइम थाना बरेली की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सचिन कुमार के रूप में हुई है, जिसे उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड,चेकबुक समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। वहीं ठगी गई रकम में से करीब 31 लाख रुपये होल्ड कराकर आगे ट्रांसफर होने से रोक दिए गए हैं।
व्हाट्सएप लिंक से शुरू हुआ ठगी का खेल
इस मामले की शुरुआत बरेली निवासी आलोक दूबे की शिकायत से हुई। पीड़ित के अनुसार उन्हें शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर SMC Broking नाम का ऐप डाउनलोड कराया गया। ऐप इंस्टॉल कराने के बाद उनकी KYC कराई गई और निवेश शुरू कराया गया।शुरुआत में ऐप पर मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जिससे पीड़ित का भरोसा मजबूत हो गया। इसी झांसे में आकर उन्होंने 16 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच 20 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 49 लाख 43 हजार 898 रुपये निवेश कर दिए।
पैसा निकालने पर मांगा कमीशन और GST
जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने नए-नए बहाने बनाने शुरू कर दिए। पहले 15 प्रतिशत कमीशन जमा करने की शर्त रखी गई। इसके बाद 18 प्रतिशत GST के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी गई। इसके बावजूद पैसा वापस नहीं किया गया। कभी ऑडिट तो कभी ऐप अपडेट का हवाला देकर लगातार टालमटोल की जाती रही।आखिरकार पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम थाना बरेली ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए। जांच के दौरान मुख्य आरोपी सचिन कुमार की पहचान हुई। इसके बाद 12 जून 2026 को पुलिस टीम ने देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित विश्वनाथ एन्क्लेव क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर करता था ठगी
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने SMC Broking और Start Investment के नाम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबलिंक तैयार किए थे। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को कम समय में भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ी रकम निवेश करता था। उसकी आईडी बंद कर दी जाती थी और उससे संपर्क समाप्त कर दिया जाता था।
क्रिप्टोकरेंसी और हवाला से छिपाता था ठगी का पैसा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी की रकम को छिपाने के लिए उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। इसके बाद रकम को ट्रस्ट वॉलेट में USDT के रूप में रखा जाता था और फिर हवाला नेटवर्क के जरिए नकदी में परिवर्तित कर लिया जाता था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य जांच एजेंसियों से पैसों की असली ट्रेल छिपाना था।
आधार कार्ड का पता बदलकर खोलता था बैंक खाते
आरोपी ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के खाताधारकों के आधार कार्ड में पता बदलवाया जाता था। इसके लिए किरायानामा और शपथ पत्र का इस्तेमाल किया जाता था ताकि जांच एजेंसियां वास्तविक लोगों तक आसानी से न पहुंच सकें।पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।
लैपटॉप, मोबाइल और कई दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 8 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेक, मोहरें, जियो राउटर समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी सामान को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
लोगों के लिए चेतावनी बना मामला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश, एल्गो ट्रेडिंग या शेयर मार्केट में असामान्य मुनाफे का दावा करने वाले किसी भी अनजान लिंक, ऐप या कॉल पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी लोगों की लालच और भरोसे का फायदा उठाकर उनकी जीवनभर की कमाई पर हाथ साफ कर सकते हैं।
