पीलीभीत : लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का लाभ दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में शेष बचे करीब चार लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान में आशा, एएनएम और स्वास्थ्य सखी को भी जिम्मेदारी दी गई है, ताकि गांव स्तर तक तेजी से पहुंच बनाई जा सके।

गांव-गांव जाकर पात्र परिवारों की होगी पहचान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान 15 अगस्त तक चलाया जाएगा। इस दौरान गांव-गांव जाकर उन परिवारों की पहचान की जाएगी, जिनके आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बने हैं। स्वास्थ्य सखी घर-घर संपर्क कर पात्र लोगों की सूची तैयार करेंगी। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की मदद से उनके गोल्डन कार्ड बनवाए जाएंगे।
अभी भी 4 लाख लोग योजना से वंचित
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 11.89 लाख कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 8.23 लाख कार्ड ही बन सके हैं। ऐसे में करीब चार लाख पात्र लोग अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की हैं और अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों को दी जाएगी योजना की जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी की कमी और दस्तावेज संबंधी दिक्कतों के कारण कई लोग योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। अब आशा, एएनएम और स्वास्थ्य सखी मिलकर लोगों को योजना के प्रति जागरूक करेंगी और जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करेंगी।
पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना का लाभ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कई निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभियान के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़कर लक्ष्य समय पर पूरा किया जाएगा।
Report : ऋतिक द्विवेदी
