बरेली : शहर के थाना इज्जतनगर की पुलिस टीम ने गैस चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 28 अप्रैल का है, जब सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के सीनियर मैनेजर जितेन्द्र गौतम ने शिकायत दर्ज कराई कि पीरबहोड़ा इलाके में PNG पाइपलाइन को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर मीटर-रेगुलेटर को बायपास करके अवैध रूप से गैस चोरी की जा रही है। जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और मानव जीवन को गंभीर खतरा था।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान सूचना पर तीन आरोपियों सफरुद्दीन, मुस्तफ खां उर्फ मुस्ताक खां और अनुज सक्सेना को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर गैस चोरी में इस्तेमाल की गई पाइप भी बरामद की गई। इस मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में और धाराएं बढ़ाकर कार्रवाई की गई है।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि सफरुद्दीन और मुस्तफा खां के PNG कनेक्शन बिल न भरने के कारण 2-3 साल पहले काट दिए गए थे। इसके बाद अनुज सक्सेना, जो मीटर रीडिंग के काम से आता था, उसने अवैध तरीके से गैस कनेक्शन दोबारा चालू कराने का ऑफर दिया। इसके बदले हर महीने 500 रुपये लेने और चेकिंग की पहले से सूचना देने की बात तय हुई।
कैसे चल रहा था गैस चोरी का नेटवर्क?
आरोपियों ने प्लास्टिक और रबर पाइप के जरिए अवैध रूप से गैस लाइन जोड़ ली और पिछले 3-4 महीनों से लगातार गैस चोरी कर रहे थे। इतना ही नहीं, सफरुद्दीन के बेटे ने भी यह तरीका सीख लिया था और समय-समय पर चोरी-छिपे गैस कनेक्शन चालू करता था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पेट्रोलियम एवं खनिज पाइपलाइन अधिनियम 1962 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है। बरामद पाइप को भी सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है।
