बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां गंगा नदी में स्नान के दौरान पांच लोगों के डूब जाने से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। यह हादसा मांडू गंगा घाट पर हुआ, जहां एक ही गांव के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद स्नान कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव कुछेजा के रहने वाले ये सभी लोग एक परिजन के अंतिम संस्कार के लिए घाट पर पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी लोग परंपरा के अनुसार गंगा में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक पांच लोग गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी में डूबने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक व्यक्ति का संतुलन बिगड़ा और वह गहराई में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी आगे बढ़े, लेकिन हालात ऐसे बने कि एक-एक कर सभी पानी में फंसते चले गए। घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। गोताखोरों की टीम को बुलाकर नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि डूबे हुए लोगों की तलाश लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान जारी है। परिजनों को हर संभव सहायता दी जा रही है।”
इस हादसे की खबर जैसे ही गांव कुछेजा पहुंची, वहां मातम पसर गया। एक साथ पांच लोगों के डूबने की सूचना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर तरफ शोक का माहौल है। लोग बड़ी संख्या में घाट की ओर पहुंच रहे हैं और अपनों की तलाश में जुटे हुए हैं।
यह घटना एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा जाता है कि लोग बिना किसी सुरक्षा के गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे हो जाते हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
फिलहाल प्रशासन पूरी तरह से मौके पर मौजूद है और राहत कार्य जारी है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आस्था के साथ-साथ सावधानी भी बेहद जरूरी है।
