बरेली: उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होने आए मौलाना तौसीफ रजा मजहरी निवासी किशनगंज (बिहार) की संदिग्ध मौत अब बड़ा सवाल बन गई है। 27 अप्रैल को उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। पुलिस इसे हादसा बता रही है, जबकि परिजन और कई संगठन इसे साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच धार्मिक और राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
उर्स में शिरकत के बाद लौटते समय हुआ हादसा

बताया गया कि मौलाना तौसीफ रजा मजहरी 24 और 25 अप्रैल को बरेली शरीफ में उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल हुए थे। इसके बाद वह ट्रेन से अपने घर किशनगंज लौट रहे थे। रास्ते में 27 अप्रैल को उनका शव कैंट थाना क्षेत्र के पालपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर लहूलुहान हालत में मिला।
पत्नी और परिजनों के आरोप,मारपीट के बाद फेंका गया

परिजनों के अनुसार, मौलाना ने सफर के दौरान अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि ट्रेन में कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। पत्नी और परिवार ने आरोप लगाया है कि यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि उनके साथ अनहोनी हुई है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी और बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने भी उठाए सवाल
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है। वहीं बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने भी इसे संदिग्ध बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की बात कही है। दोनों ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जमात रजा-ए-मुस्तफा की प्रतिक्रिया, सलमान मियां का बयान
जमात रजा-ए-मुस्तफा के वाइस प्रेसिडेंट सलमान हसन खान (सलमान मियां) ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि मौलाना की अचानक और दुखद मौत की खबर से सभी सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि आला हज़रत खानदान के सरपरस्त मुफ्ती मुहम्मद असजद रजा खान कादरी के निर्देश पर संगठन के जिम्मेदारों ने तुरंत प्रशासन से संपर्क किया और मौलाना के शव को उनके परिजनों, छोटे भाई तौहीद रजा, मौलाना जुबैर और मोहम्मद अजीम को सौंपकर उनके पैतृक स्थान भेजने की व्यवस्था कराई।
ओवैसी और इमरान प्रतापगढ़ी समेत नेताओं ने मांगी जांच

इस मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए रेल मंत्री को ट्वीट कर जांच कराने की बात कही है। AIMIM के प्रवक्ता आदिल हसन समेत कई नेताओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस का पक्ष: हादसा मान रही, जांच का भरोसा
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि 27 अप्रैल को सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की थी। शुरुआती तौर पर मामला ट्रेन से गिरने का हादसा लग रहा था, संभवतः गर्मी के कारण झपकी आने से यह घटना हुई। हालांकि, परिजनों द्वारा अब मारपीट की आशंका जताने पर पुलिस ने कहा है कि तहरीर मिलने पर मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
