बदायूं: गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास परियोजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है। उद्घाटन से पहले ही छह जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और भूखंड आवंटन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई और शाहजहांपुर में औद्योगिक, वाणिज्यिक और लॉजिस्टिक केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
बदायूं में औद्योगिक विकास को नई दिशा
बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक भूखंड 5200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से आवंटित किए जा रहे हैं। यहां करीब 50 से अधिक कारखाने लगाने की तैयारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक 15 उद्यमियों ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में रुचि दिखाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी इस परियोजना से जुड़ेंगी।
भूमि आवंटन और निवेश प्रक्रिया तेज
यूपीडा ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में छह जिलों में भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है। मेरठ में सबसे अधिक 11147 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की गई है, जबकि बदायूं में 5200 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय है।
12 जिलों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है। इससे कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। अनुमान है कि इन औद्योगिक क्षेत्रों से दस लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
बदायूं में भूमि अधिग्रहण पूरा
बदायूं में अब तक 269 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। यहां बरेली मार्ग स्थित घटपुरी और दातागंज क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां विकसित की जाएंगी। इसी तरह मेरठ में 529 एकड़, संभल में 591 एकड़, उन्नाव में 333 एकड़, हरदोई में 335 एकड़ और शाहजहांपुर में 252 एकड़ भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार की गई है।
उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस भव्य आयोजन के लिए बदायूं में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बिनावर के पास पंडाल निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। प्रशासन और यूपीडा के अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
निवेशकों की बढ़ती रुचि से उम्मीदें बढ़ीं
उद्घाटन की तारीख घोषित होने के बाद निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां केवल सात आवेदन थे, अब यह संख्या 15 तक पहुंच गई है। यूपीडा का लक्ष्य है कि उद्घाटन से पहले अधिक से अधिक भूखंडों का आवंटन पूरा कर लिया जाए।
जिला प्रशासन की निगरानी
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ उद्घाटन समारोह की तैयारियां भी तेजी से की जा रही हैं। पूरा प्रशासनिक तंत्र इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने में जुटा है। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी, बल्कि औद्योगिक विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
