ABVP का प्रदर्शन, सैकड़ों छात्र सड़कों पर, रिजल्ट गड़बड़ी, फीस वसूली और तकनीकी खामियों पर फूटा गुस्सा
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब परीक्षा और परिणाम से जुड़ी अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया और कुलपति प्रो. केपी सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘कुलपति लापता’ के पोस्टर चस्पा कर दिए।
कैंपस में हंगामा, छात्रों का फूटा गुस्सा
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा -तफरी का माहौल बना रहा। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार हो रही गड़बड़ियों ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी और बढ़ गई।
ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी, छात्रों ने किया इनकार
प्रदर्शन के दौरान परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर संभव न होने की बात कही। इससे नाराज छात्रों ने उन्हें ज्ञापन देने से ही मना कर दिया। बाद में कुलसचिव हरीशचंद्र भी पहुंचे, लेकिन तब तक छात्रों का गुस्सा चरम पर पहुंच चुका था।
रिजल्ट गड़बड़ी और ‘बैक’ पर बड़ा सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया कि घोषित परिणामों में बड़ी संख्या में छात्रों को को-करिकुलर विषयों में बैक दी गई है। कई मामलों में छात्रों को समान अंक दिए गए, जिससे पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। एबीवीपी का कहना है कि यह सिस्टम पारदर्शी नहीं है और इससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
फीस और तकनीकी खामियों से परेशान छात्र
छात्रों के मुताबिक, एक सेमेस्टर की फीस जहां 1500 रुपये है, वहीं बैक आने पर 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा सर्वर स्लो होना, फॉर्म का स्वतः लॉक होना और विषयों का बदल जाना जैसी तकनीकी समस्याएं भी बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। इन वजहों से छात्रों को बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री आनंद कठेरिया ने साफ कहा कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बदायूं और शाहजहांपुर से आए छात्र भी शामिल रहे।
