देहरादून : देहरादून में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की वीरभूमि, आस्था और विकास को एक साथ जोड़ते हुए कई अहम घोषणाएं और संदेश दिए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि जब भी वे उत्तराखंड आते हैं और सेना की बात नहीं करते, तो उनकी यात्रा अधूरी रह जाती है।
उन्होंने गढ़ी कैंट और वीरता के प्रतीक जसवंत सिंह रावत के शौर्य को याद करते हुए कहा कि देश उनका बलिदान कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री ने बताया कि वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देता है और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने 16 अप्रैल से संसद में होने वाली विशेष चर्चा का जिक्र करते हुए सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक के समर्थन की अपील की। साथ ही उन्होंने देश की माताओं और बहनों के नाम लिखे अपने खुले पत्र का भी उल्लेख किया और उन्हें इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने देवभूमि की आस्था का उल्लेख करते हुए मां नंदा राजजात को नमन किया और कहा कि सरकार का प्रयास है कि वैश्विक संकटों के बीच महिलाओं को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के आरक्षण को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2023 में उनके आदि कैलाश दौरे के बाद वहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2025 में करीब 40 हजार श्रद्धालु पहुंचे, जबकि शीतकालीन चारधाम यात्रा में भी जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” के संतुलन के साथ विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है। इन परियोजनाओं से यात्रा आसान, सस्ती और तेज होगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर मील का पत्थर साबित होगा। उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और “वेड इन इंडिया” जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले साल हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
