मेरठ : मेरठ के दौराला कस्बे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार रात सामने आई इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में अलर्ट जारी कर दिया और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
घटना के अनुसार, शुक्रवार रात करीब आठ बजे दौराला क्षेत्र में शराब पीने के बाद तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जो शराब पी थी, वह जहरीली थी, जिसके कारण उनकी मौत हुई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है और लोग भयभीत हैं।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एक अनोखा कदम उठाते हुए दौराला की सभी मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी करवाई। इस दौरान लोगों को सख्त हिदायत दी गई कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति शराब के ठेके से शराब न खरीदे और सतर्क रहें। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य संभावित खतरे को टालना और लोगों की जान बचाना है। जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित देसी शराब के ठेके को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, यह शराब का ठेका भाकियू नेता मिंटू अहलावत के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने देर रात जयपाल अहलावत और ठेके पर कार्यरत दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इनसे पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जो इस मामले की सच्चाई उजागर करने में मदद करेंगे।
मृतकों की पहचान बाबूराम प्रजापति, अंकित और जितेंद्र के रूप में हुई है। बाबूराम मूल रूप से भराला गांव के निवासी थे और वर्तमान में दौराला में रहकर सरसों की पेराई का काम करते थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात बाबूराम अपने दो दोस्तों अंकित और जितेंद्र के साथ सरधना रोड स्थित ठेके से देसी शराब खरीदकर लाए थे और उसी का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते तीनों की मौत हो गई। प्रशासन के अनुसार, जिस ठेके से शराब खरीदी गई थी, वहां से कुल नौ पेटी शराब की बिक्री हुई है। अब यह जांच का विषय है कि यह शराब किन-किन लोगों तक पहुंची और कहीं अन्य लोग भी इसके सेवन से प्रभावित तो नहीं हुए हैं। इसको लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और शराब की सप्लाई चेन की जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि अगर किसी अन्य व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत इलाज किया जा सके। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अवैध और मिलावटी शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। अब जब इस तरह की दुखद घटना सामने आई है, तो प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर पहलू की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
