पारिवारिक विवाद बना कत्ल की वजह, एडीजे तबरेज अहमद ने सुनाई आजीवज कारावास की सजा, एक लाख रूपये का अर्थदंड
बरेली : यूपी के बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) तबरेज अहमद की अदालत ने पिता की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को उम्रकैद (आजीवन कारावास) और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला सत्र परीक्षण संख्या 814/2025 में सुनाया गया हैं। बरेली देहात के नवाबगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव निवासी आरोपी छत्रपाल मौर्य ने 11 अप्रैल, 2025 को अपने पिता लालाराम (65 वर्ष) पर हंसिया से हमला कर दिया था। अभियोजन के अनुसार, घटना के दिन आरोपी शराब के नशे में खेत से घर आया और किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। यह विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने गुस्से में आकर हंसिया से अपने ही पिता के गर्दन पर वार कर दिया। जिससे गंभीर रूप से घायल लालाराम की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
जांच और कोर्ट में क्या हुआ?
इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना नवाबगंज में अपराध संख्या 211/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 103(1) में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।।इसके बाद घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज किए गए।सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। इस मामले में मृतक पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिगंबर पटेल, मनोज बाजपेई और प्रतिपाल सिंह ने पैरवी की, जबकि अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता रामदत्त ने पैरवी की। मगर, शासकीय अधिवक्ता की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
एडीजे तबरेज अहमद का सराहनीय फैसला
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (पूर्व में IPC 302 के समकक्ष) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 1,00,000 रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध न सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ, बल्कि समाज और पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा देना आवश्यक है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
मां, भाभी और रिश्तेदारों ने दी गवाही
इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी एवं आरोपी की मां रामदेई, भाई की पत्नी माहेश्वरी, रामेंद्र, प्रकाश, पुत्तूलाल, हुलासीराम,देवीदास, उमेश, देवीधर, मनोहर लाल, सेवाराम आदि ने आरोपी छत्रपाल के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इसके साथ ही मृतक का डॉक्टर राहुल सिंह के पोस्टमार्टम किया।
