सपा प्रमुख बोले – युद्ध से बढ़ा संकट, भारत को देना चाहिए था शांति का संदेश, प्रदेश में अन्याय बताया चरम पर
मुंबई/नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय युद्ध और देश में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के दौरान भारत के पास दुनिया को शांति का संदेश देने और ‘विश्वगुरु’ बनने का अवसर था, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर पाई। मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल रही है।उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, एलपीजी गैस और अंतरराष्ट्रीय व्यापार काफी हद तक विदेश नीति से जुड़े हुए हैं, लेकिन सरकार ने इन मुद्दों पर दूरदर्शिता नहीं दिखाई।
युद्ध से बढ़ा संकट, भारत को देना चाहिए था शांति का संदेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है और कई क्षेत्रों में तबाही का मंजर है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास हमेशा युद्ध के खिलाफ और शांति के पक्ष में रहा है। ऐसे समय में भारत को खुलकर युद्ध के खिलाफ खड़ा होना चाहिए था और दुनिया को शांति का संदेश देना चाहिए था। अगर, भारत ऐसा करता तो आज उसे वास्तविक अर्थों में ‘विश्वगुरु’ कहा जाता।
एलपीजी गैस की किल्लत से लोग परेशान
सपा प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति पर भी पड़ा है। कई जगहों पर गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि खाना बनाने से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार तक इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की तैयारी न होने की वजह से यह समस्या और बढ़ गई है।
‘अफवाहजीवी भाजपा के लोग’
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनता को गुमराह करती है और झूठ फैलाती है। उन्होंने कहा कि अक्सर भाजपा नेता दूसरों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में सबसे ज्यादा अफवाहें भाजपा के लोग ही फैलाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की राजनीति नफरत पर आधारित है, जबकि सभी धर्म लोगों को एकजुट होकर शांति और सौहार्द के साथ रहने का संदेश देते हैं।
मुंबई में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे
एसपी चीफ अखिलेश यादव शनिवार को मुंबई में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उनका स्वागत विधायक अबू आसिम आजमी, और विधायक रईस शेख सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए। सपा प्रमुख के इन बयानों के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर विदेश नीति और गैस आपूर्ति को लेकर बहस तेज हो गई है।
कानून व्यवस्था और जातीय पक्षपात पर हमला, बोले-प्रदेश में अन्याय चरम पर
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने यूपी की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जातीय पक्षपात के आधार पर अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, जिससे अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भेदभाव, अन्याय और अत्याचार चरम पर है। जौनपुर में एक ड्राइवर की मौत और बदायूं में गोलीबारी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण हैं।
अपराधियों को सत्ता का संरक्षण
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है और सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि अब पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) जाग चुका है और वह जातीय अन्याय व अपराध के खिलाफ आवाज उठाएगा।
मोतीमहल लॉन में रोज़ा इफ्तार, अखिलेश यादव बोले-ऐसे आयोजन दिलों को जोड़ते हैं
रमज़ान के मौके पर लखनऊ के मोतीमहल लॉन में पूर्व मंत्री सलाहुद्दीन सिद्दीकी की ओर से भव्य रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए। इफ्तार के बाद मौलाना रशीद फ़रंगी महली ने नमाज़ अदा कराई और देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने का काम करते हैं और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भाईचारे और एकता को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में किरनमय नंदा, राजेंद्र चौधरी, श्याम लाल पाल, रविदास मेहरोत्रा सहित कई प्रमुख नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे।
