जम्मू। Farooq Abdullah पर कथित हमले की कोशिश से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है कि वह पिछले करीब 20 साल से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष को मारने की साजिश अपने मन में पाले हुए था। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण यह हमला विफल हो गया और आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
घटना बुधवार रात की बताई जा रही है, जब जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित रॉयल पार्क में एक शादी समारोह आयोजित किया गया था। इसी समारोह में फारूक अब्दुल्ला भी शामिल होने के लिए पहुंचे थे। समारोह में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे और माहौल खुशी से भरा हुआ था। उसी दौरान आरोपी कमल सिंह जम्वाल भी वहां मौजूद था, जिसे शादी में आमंत्रित किया गया था।
बताया जा रहा है कि जैसे ही आरोपी को मौका मिला, उसने फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा में तैनात गार्डों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उसे दबोच लिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों को पहले तो कुछ समझ ही नहीं आया, क्योंकि कार्यक्रम में तेज संगीत और पटाखों की आवाज गूंज रही थी।
शादी समारोह में मौजूद लोगों के मुताबिक उस समय डीजे की तेज धुन और पटाखों के धमाकों के कारण शुरुआत में किसी को यह एहसास नहीं हुआ कि कोई गंभीर घटना हो रही है। जब अचानक समारोह में अफरातफरी का माहौल बना और सुरक्षा कर्मियों की हलचल बढ़ी, तब लोगों को पता चला कि किसी ने हमला करने की कोशिश की है। इसके बाद कुछ समय के लिए कार्यक्रम में हड़कंप मच गया और डीजे का संगीत तथा पटाखों की आवाज तुरंत बंद कर दी गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया और सभी मेहमानों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी कमल सिंह जम्वाल ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से पिछले दो दशकों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या करना चाहता था। पूछताछ के दौरान आरोपी के चेहरे पर अपने किए को लेकर किसी तरह का पछतावा भी नहीं दिखा। उसने साफ तौर पर कहा कि फारूक अब्दुल्ला को मारना ही उसका मकसद था, लेकिन इस बार उसका प्रयास असफल रहा।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि जिस शादी समारोह में यह घटना हुई, वह उसके चचेरे भाई शत्रुजीत सिंह के बेटे की शादी थी और उसे भी उसमें आमंत्रित किया गया था। उसी दौरान उसे लगा कि यह फारूक अब्दुल्ला के करीब पहुंचने का मौका है और उसने अपने इरादे को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक आरोपी कमल सिंह जम्वाल पुत्र अजीत सिंह जम्वाल जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह कोई नियमित नौकरी नहीं करता है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी दो कपड़ों की दुकानें हैं, जिनसे मिलने वाले किराये से ही उसका खर्च चलता है।
बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से ही राजनीति में सक्रिय रहा है। वह पहले Jammu and Kashmir National Panthers Party से जुड़ा रहा है और उसी पार्टी के टिकट पर उसने पुरानी मंडी के वार्ड नंबर 11 से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि वह चुनाव जीत नहीं पाया था। घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां भी इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी ने हमला करने की योजना कब और कैसे बनाई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस साजिश में कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए सभी संभावित एंगल की जांच जरूरी है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच जारी है।
