बरेली : होली के बाद बरेली में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। नगर निगम ने प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कोहड़ापीर से धर्मकांटे तक करीब 60 दुकानों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे नगर निगम की टीम प्रवर्तन दल और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। नगर निगम के अनुसार, इन दुकानों को करीब दो महीने पहले ही लाल निशान लगाकर नोटिस जारी कर दिया गया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद अब निगम की टीम बुलडोजर के साथ कार्रवाई करने पहुंची।
सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण
यह कार्रवाई सीएम ग्रिड योजना के दूसरे चरण के तहत की जा रही है।योजना के अनुसार धर्मकांटे से कोहड़ापीर तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके साथ ही पूरे इलाके में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके और शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा सके। इसी परियोजना के दायरे में आने वाली करीब 60 दुकानों और कुछ धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें हटाकर सड़क चौड़ी करने की योजना है।
व्यापारियों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक
बुलडोजर पहुंचते ही मौके पर व्यापारियों और नगर निगम अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनके पास वैध नक्शा होने के बावजूद कार्रवाई की जा रही है। एक महिला व्यापारी ने कहा कि अगर दुकान का आगे का हिस्सा तोड़ा गया, तो पूरी बिल्डिंग को नुकसान हो सकता है। हालांकि, प्रशासन के सख्त रुख के चलते कई व्यापारियों ने खुद ही अपनी दुकानों के सामने लगे टीनशेड और अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया।
आजादी से पहले की दुकानों पर भी संकट
कार्रवाई से इलाके के व्यापारियों में काफी चिंता का माहौल है।दुकानदारों का कहना है कि कई दुकानें आजादी से पहले की हैं, और रोड चौड़ीकरण के कारण कुछ दुकानों को करीब 20 फीट तक पीछे किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है, और कई प्रतिष्ठान पूरी तरह खत्म हो सकते हैं।
जानें क्या बोले नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पहले से जारी नोटिस के आधार पर की जा रही है। उनके अनुसार, जो अस्थायी दुकानें सड़क पर बनी हुई थीं, उन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थायी दुकानों को भी पहले नोटिस दिया गया था, और जो दुकानें अवैध रूप से सड़क तक बढ़ा दी गई थीं, उन्हें हटाया जा रहा है, ताकि सड़क चौड़ीकरण का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके। कुल मिलाकर, सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रही इस कार्रवाई से शहर के यातायात और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर इससे प्रभावित दुकानदारों में अपनी आजीविका को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।
