थुनाग : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के थुनाग क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। यह हादसा एमडीआर-91 लम्बाथाच–कल्हणी सड़क पर बुनालीधार के पास तड़के करीब चार बजे हुआ, जब एक जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई की ओर जा गिरी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पर्व के दिन हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा दुख और आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त जीप में चार युवक सवार थे, जो बगस्याड़-रहीधार क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि जीप के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान हृतिक ठाकुर (19 वर्ष), निवासी गांव रहीधार, डाकघर बगस्याड़, तहसील थुनाग; सुनील (17 वर्ष), निवासी गांव वह, डाकघर केलोधार, तहसील चच्योट; और ईशान (18 वर्ष), निवासी गांव थरजूण, तहसील चच्योट के रूप में हुई है। तीनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए कुशाल (18 वर्ष), निवासी गांव वह, तहसील चच्योट को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और कुशाल के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जीप अचानक अनियंत्रित हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, वाहन के अनियंत्रित होने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार, अंधेरा या सड़क की स्थिति हादसे की वजह हो सकती है, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और शवों को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जंजैहली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का जल्द खुलासा किया जाएगा।
महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व के दिन हुई इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जहां एक ओर लोग भगवान शिव की आराधना में लीन थे, वहीं इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गांवों में शोक की लहर है और हर आंख नम है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
