लखीमपुर खीरी : शारदा नगर थाना क्षेत्र के लौखनिया गांव में बुधवार अलसुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। गांव में स्थित एक टीनशेड का लकड़ी का पिलर अचानक टूट गया, जिससे टीन और उससे सटी पक्की दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबने से चारपाई पर सो रहे बुजुर्ग दंपति और उनकी दो पोतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सीएचसी रमियाबेहड़ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने वृद्धा कृष्णावती (58) को मृत घोषित कर दिया।
लौखनिया गांव निवासी छोटन्न यादव (65) अपने परिवार के साथ टीनशेड में सो रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी कृष्णावती और पोतियां पिंकी (11) व बबली (9) भी सो रही थीं। परिवार के अन्य सदस्य दिनेश यादव, कौशल और पैरू घर के अलग-अलग हिस्सों में सो रहे थे, जिनकी जान बच गई। घटना की जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे अचानक टीनशेड का लकड़ी का पिलर टूट गया। इसके साथ ही टीन और दीवार गिर गई, जिससे घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर पड़ोसी और ग्राम प्रधान अखिलेश वर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला।
सूचना पाकर शारदा नगर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमियाबेहड़ ले जाया गया। चिकित्सकों ने कृष्णावती को मृत घोषित कर दिया, जबकि छोटन्न यादव और दो पोतियों का उपचार किया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक शारदा नगर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और तीन अन्य का इलाज जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम शशिकांत मणि और तहसीलदार आदित्य विशाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने राजस्व लेखपाल से रिपोर्ट तलब की और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रशासन की टीम ने प्रभावित परिवार के लिए तत्काल राहत और सहायता देने का आश्वासन भी दिया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह हादसा पूरी तरह अचानक हुआ और इससे गांव में भारी डर और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा उपायों और पुराने घरों की जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुरक्षित रहने के लिए पुराने और कमजोर घरों में रहने से बचें। यह घटना लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी है। जहां पुराने और कमजोर निर्माण से संबंधित जोखिम लगातार बने रहते हैं। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद, इलाज और पुनर्वास में पूरी सहायता दी जाएगी।
इस हादसे ने स्थानीय लोगों के बीच सहानुभूति और मदद का भाव भी जगाया। पड़ोसियों और ग्रामीणों ने घायलों की सहायता के लिए स्वयं मदद का हाथ बढ़ाया। घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने निर्माणों की जांच और सुरक्षा उपाय कितने जरूरी हैं। लखीमपुर खीरी प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए निरीक्षण और सावधानी को और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा।
