लखनऊ : उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास की दिशा में लगातार बढ़ोतरी जारी है। अब तक प्रदेश में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं। यह राज्य भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है।
राज्य सरकार ने फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफल आयोजन किया, जिसमें लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इन परियोजनाओं से लगभग 10 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है और गेहूं तथा आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में निवेश की गति तेज है और भविष्य में प्रदेश में बड़े डाटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने यूपी सरकार के बजट पर तीखा हमला किया। नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पेपरलेस विधानसभा में भी बजट पेश किया जाएगा, लेकिन इसमें कोई स्पष्ट विज़न नहीं है। उनका कहना था कि यह बजट केवल भ्रष्टाचार और जनता के साथ धोखे का माध्यम बनेगा। इसी प्रकार सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि जब केंद्र के बजट पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, तो वहां कोई भी अच्छा बजट आएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान ‘बाबरी मस्जिद कभी दोबारा नहीं बनेगी’ पर भी टिप्पणी की और कहा कि यह मुद्दा खत्म हो चुका है और इसे लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में उठाए गए कदमों की तारीफ की जा रही है, लेकिन विपक्ष इसे केवल दिखावे और जनता के साथ धोखे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। आगामी बजट और निवेश योजनाओं पर सभी की नजरें हैं कि किस तरह से प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार लाया जा सके।
यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश विकास और निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, वहीं विपक्ष लगातार आलोचना कर जनता के सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि भविष्य में बजट और निवेश योजनाओं का प्रभाव प्रदेश की आम जनता पर कैसे पड़ता है।
