मजिस्ट्रेट ने 10 हजार रूपये का डाला जुर्माना, अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में छह साल पहले एक दिल दहला देने वाली घटना में पुत्र ने अपने ही पिता की हत्या केवल जमीनी विवाद में कर दी थी। मगर, अब इस मामले में अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास और 10 हजार रूपये का अर्थदंड का फैसला सुनाया है। जुर्माना न देने की स्थिति में 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह फैसला एडीजे कोर्ट संख्या-5, बरेली ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की मजबूत पैरवी के आधार पर सुनाया।
6 साल पुराना था हत्याकांड, बांके से काट डाली थी गर्दन
यह घटना 18 जुलाई 2019 को थाना नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बिथरी की है। मृतक मैकूलाल के पुत्र रमेश ने पुलिस को बताया कि उसके भाई राकेश उर्फ राजेंद्र ने जमीन के विवाद में अपने पिता की गर्दन बांके से काटकर हत्या कर दी। नवाबगंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध संख्या 308/2019 धारा 302 भादंवि के तहत हत्या का मामला दर्ज हुआ।
पुलिस ने आरोपी को भेजा था जेल
पुलिस ने तत्काल प्रभाव से जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला न्यायालय पहुंचने के बाद सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत आया है। जिसका उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र दंडित कराना है। जनपद बरेली की पुलिस और अभियोजन टीम की प्रभावशाली पैरवी ने इस केस में न्याय सुनिश्चित किया। बरेली पुलिस की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट हो गया है कि जघन्य अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के दायरे में रहते हुए सख्त से सख्त सजा दिलाना अब प्राथमिकता है। जिससे आम जनमानस में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और गहरा हो।
