प्रयागराज : कानपुर के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की कार्रवाई रद्द कराने को लेकर दायर उनकी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद इरफान सोलंकी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जनवरी को इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार नहीं करते हुए ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को सही ठहराया है।
दरअसल, कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में दिसंबर 2022 में इरफान सोलंकी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट द्वारा समन जारी किए गए थे। इरफान सोलंकी ने इन्हीं समन आदेशों और गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही पूरी कार्रवाई को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था।
याचिका में यह तर्क दिया गया था कि उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर का मामला कानून के विपरीत है और इसका उद्देश्य उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करना है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि इरफान सोलंकी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई पूरी तरह से वैधानिक है। दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद इरफान सोलंकी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे की कार्यवाही जारी रहेगी। राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, वहीं इरफान सोलंकी की ओर से आगे की कानूनी रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
