चार लेबर कोड्स के खिलाफ मजदूरों का बिगुल, बैंक -बीमा -बिजली से लेकर किसान तक साथ
बरेली : 27 जनवरी को बैंकों की सफल राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद अब देश का संगठित और असंगठित श्रमिक वर्ग एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गया है।बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसमें बैंक, बीमा, आम बीमा, बिजली, केंद्र व राज्य सरकारों के विभागों सहित करोड़ों कर्मचारी -मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद है। यह हड़ताल देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा बुलाई गई है। यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड्स मजदूरों और कर्मचारियों के हितों पर सीधा हमला हैं। जिन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। ट्रेड यूनियनों के अनुसार, सरकार की आर्थिक नीतियां लगातार मालिकों और कॉरपोरेट हितों के पक्ष में बनाई जा रही हैं। निजीकरण, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और सामाजिक सुरक्षा कानूनों में कटौती से श्रमिक वर्ग में गहरी निराशा और आक्रोश है।
यह हैं हड़ताल की प्रमुख मांगें
चारों मजदूर विरोधी श्रम कोड्स तत्काल वापस लिए जाएं। न्यूनतम मजदूरी घटाने की साजिश बंद की जाए। सामाजिक सुरक्षा कानूनों पर हमले रोके जाएं। यूनियन बनाने के अधिकार पर पाबंदी स्वीकार नहीं फिक्स्ड टर्म रोजगार नीति वापस ली जाए। विद्युत संशोधन अधिनियम 2025 वापस लिया जाए
बैंक-बीमा और सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे
बैंकों, LIC और GIC में निजीकरण का विरोध किया जाए। IDBI बैंक की बिक्री पर रोक, बीमा क्षेत्र में 100% FDI का कड़ा विरोध ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग समाप्त की जाए। बैंक और बीमा क्षेत्र में पर्याप्त स्थायी भर्तियां होनी चाहिए। NPS समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए
किसानों का समर्थन, तैयारियां तेज
इस देशव्यापी हड़ताल को किसान संगठनों का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि यह संघर्ष केवल मजदूरों का नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और आम जनता के भविष्य से जुड़ा है। राज्यवार और जिलेवार स्तर पर गोष्ठियां, विभागीय गेट मीटिंग्स और जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए गए हैं। श्रमिक संगठनों का दावा है कि 9 जुलाई 2025 की ऐतिहासिक हड़ताल की तरह ही 12 फरवरी की हड़ताल भी अभूतपूर्व और प्रभावशाली होगी।
ट्रेड यूनियनों का दाव
बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि, “यह हड़ताल मजदूरों के अधिकार, रोजगार की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। देश का श्रमिक वर्ग पूरी मजबूती के साथ 12 फरवरी को सड़कों पर उतरेगा।”
