बरेली : भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन टीम ने इज्जतनगर थाने की बैरियर दो के चौकी इंचार्ज (सब इंस्पेक्टर) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।कार्रवाई बैरियर-2 पुलिस चौकी के अंदर की गई। इसके बाद चौकी और थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी दरोगा के खिलाफ सीबीगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुकदमे के निस्तारण के बदले मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता एंजिला मैसी ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि इज्जतनगर थाने में तैनात उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर)विमल सिंह चौहान एक मुकदमे के निस्तारण के बदले 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के खिलाफ थाना इज्जतनगर में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज था। यह शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी दरोगा को रिश्वत लेते हुए पकड़ने की योजना बनाई।
बैरियर-2 चौकी में रंगे हाथ पकड़ा
एंटी करप्शन बरेली की ट्रैप टीम ने प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए दरोगा विमल सिंह चौहान को शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर बैरियर-2 पुलिस चौकी के अंदर 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी दरोगा को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान चौकी और थाना परिसर में हड़कंप मच गया।पुलिसकर्मी भी अचानक हुई कार्रवाई से हैरान नजर आए। इसके बाद आरोपी को लेकर एंटी करप्शन टीम आगे की पूछताछ में जुट गई।
मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति, विभागीय कार्रवाई भी तय
बताया जा रहा है कि आरोपी दरोगा विमल सिंह चौहान की नियुक्ति मृत आश्रित कोटे से हुई थी। रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद अब उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी दरोगा के खिलाफ थाना सीबीगंज में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं टीम अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह से वसूली करता था या नहीं।
