लखनऊ : मिनरल वाटर के नाम पर बोतलबंद पानी बेचने वाली इकाइयों पर अब प्रशासन की सख्ती साफ नजर आने लगी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में संचालित बोतलबंद पानी की 29 इकाइयों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। इसके बाद इन इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में कुल 29 बोतलबंद पानी की इकाइयां संचालित हैं। शासन के निर्देश पर की गई जांच के दौरान पांच इकाइयां मौके पर बंद मिलीं, जबकि शेष चालू इकाइयों में साफ-सफाई, पानी के शोधन और पैकेजिंग प्रक्रिया से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ इकाइयां मिनरल वाटर के तय मानकों की अनदेखी कर रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि कई इकाइयों में मशीनों की नियमित सफाई नहीं हो रही थी और कर्मचारी भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इन लापरवाहियों को गंभीर मानते हुए एफएसडीए विभाग ने संबंधित इकाइयों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले चरण में पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी।
