इंदौर : कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के हालिया बयान ने देश की राजनीति में तीखा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक बरैया ने विशेष वर्ग की महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों को धार्मिक ग्रंथों से जोड़ते हुए अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बयान में आपराधिक कृत्यों की तुलना तीर्थ यात्रा से करते हुए उन्हें पुण्य से जोड़ने की बात भी कह दी, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे से पहले कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को बरैया के बयान का अप्रत्यक्ष समर्थन माना जा रहा है, जिससे सियासी घमासान और तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर महिला सम्मान और सामाजिक सद्भाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधे तौर पर राहुल गांधी से कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान पूरी तरह महिला-विरोधी है और ऐसे नेता समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं और उनसे उनकी मांग है कि विधायक बरैया को तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि यह संदेश जाए कि कांग्रेस नेतृत्व सभी वर्गों के प्रति समान भावना रखता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बरैया का बयान समाज में विद्वेष फैलाने वाला है और इस पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।
भाजपा की ओर से भी इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला गया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष ऊषा अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि इंदौर में राहुल गांधी के साथ मंच साझा करते हुए कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया नजर आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सहमति है या स्वीकारोक्ति। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के प्रति दूषित, विकृत और कुंठित मानसिकता सिर्फ विधायक बरैया की नहीं, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पूरी कांग्रेस की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को आपत्ति होती, तो बरैया के साथ मंच साझा नहीं किया जाता। साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिला सम्मान की बात करने वाले नेता अपनी ही पार्टी की आपराधिक मानसिकता पर चुप्पी साधे हुए हैं।
वहीं, अपने बयान को लेकर फूल सिंह बरैया ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को लोग किस तरह समझ रहे हैं, यह सोचना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग उनके बयान का विरोध कर रहे हैं, वही लोग आरक्षण का भी विरोध करते हैं। बरैया ने दावा किया कि उनके बयान का दुष्प्रचार किया जा रहा है और उन्हें सत्य की परीक्षा से गुजरना होगा। विधायक ने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगे।
शनिवार को राहुल गांधी के दौरे के चलते विधायक फूल सिंह बरैया इंदौर में मौजूद थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने एक बार फिर अपने बयान को दोहराया और इस दौरान दो साल की बच्चियों को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी। इसके बाद मामला और ज्यादा गरमा गया है। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि बयान को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है।
