बरेली : ख़्वाजा गरीब नवाज़ (ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती संजरी अजमेरी) के 814वें उर्स की रौनक इन दिनों अजमेर शरीफ़ में अपने पूरे शबाब पर है। माहे रजब का चांद 21 दिसंबर को नजर आ चुका है। इसके बाद शरई ऐलान के अनुसार कुल शरीफ की रस्म 27 दिसंबर (शनिवार) को अदा की जाएगी। दरगाह के प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि अजमेर शरीफ़ के साथ-साथ बरेली में भी उर्स की रूहानी फिज़ा कायम रहेगी। अगर, बरेली में भी चांद की शरई शहादत मिल जाती है, तो दरगाह आला हज़रत पर भी 27 दिसंबर को सुबह 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। यह रस्म दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन बदरुश्शरिया मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में सम्पन्न होगी।
दुनिया भर से अजमेर पहुंचे जायरीन, बरेली बना बड़ा पड़ाव
दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स में शिरकत के लिए देश-विदेश से लाखों अकीदतमंद अजमेर शरीफ़ पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी बरेली से बड़ी संख्या में जायरीन अजमेर के लिए रवाना हुए हैं। सिटी स्टेशन पर लगातार देश के विभिन्न सूबों से बसों के ज़रिये जायरीन पहुंच रहे हैं। अब तक सैकड़ों जायरीन बरेली पहुंच चुके हैं। जिनका पड़ाव सिटी सब्ज़ी मंडी से दूल्हा मियां की मजार तक निर्धारित किया गया है।
जायरीन की खिदमत में 24 दिसंबर तक चलेगा विशेष कैंप
जायरीन की सहूलियत के लिए नगर निगम और दरगाह आला हज़रत की ओर से विशेष कैंप लगाया गया है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। इस कैंप में टीटीएस के वालंटियर्स दिन-रात जायरीन की खिदमत में जुटे हुए हैं।दरगाह की ओर से चाय,पीने का पानी, लंगर,ठंड से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है, तो वहीं ज़िला प्रशासन की तरफ से मोबाइल शौचालय, पानी के टैंकर, डॉक्टर व दवाइयों की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।
इन खिदमतगारों ने संभाली जायरीन की ज़िम्मेदारी
कैंप में जिन खिदमतगारों की अहम भूमिका है, उनमें शाहिद नूरी, तनवीर रज़ा, मंज़ूर रज़ा, परवेज़ नूरी, ताहिर अल्वी, औरंगज़ेब नूरी, हाजी जावेद खान, अजमल नूरी, नासिर कुरैशी, मुजाहिद बेग, इशरत नूरी, सय्यद एजाज़, साजिद नूरी, सबलू अल्वी, अब्दुल माजिद, आरिफ नूरी, अजमल रज़ा, समी रज़ा, हाजी अज़हर बेग, जोहेब रज़ा, सुहैल रज़ा, इरशाद रज़ा, शाद रज़ा, नईम नूरी, काशिफ सुब्हानी, सय्यद माजिद सहित कई लोग शामिल हैं।
