नई दिल्ली। राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को एक-एक कर कई अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने चुनाव सुधार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर स्पष्ट जवाब दिया। नड्डा ने दो टूक कहा कि मोदी सरकार संसद में किसी भी विषय पर चर्चा से कभी पीछे नहीं हटती और लोकतांत्रिक परंपराओं में उसका अटूट विश्वास है।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संसदीय व्यवस्था को लोकतंत्र की आत्मा मानती है और हर मुद्दे पर खुले मन से चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बेवजह शंकाएं फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाना उचित नहीं है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संवाद और तथ्य आधारित बहस जरूरी है।
इस दौरान नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों पर भी विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने चुनाव आयोग को यह अधिकार दिया है कि वह समय-समय पर मतदाता सूची की जांच, सत्यापन और पुनरीक्षण कर सके। यह प्रक्रिया न सिर्फ संवैधानिक है, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी भी है।
जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि आयोग का मूल दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे, और साथ ही कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए एसआईआर जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हो सकें।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2010 के बाद से मतदाता सूची से किसी का नाम हटाने की प्रक्रिया प्रभावी रूप से नहीं हुई है, ऐसे में लंबे समय के बाद इसका पुनरीक्षण और भी अधिक आवश्यक हो जाता है। बदलती जनसंख्या, स्थानांतरण और अन्य कारणों से मतदाता सूची को अद्यतन रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
अंत में जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवैधानिक दायरे में रहकर अपने कर्तव्यों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत करना है। नड्डा के इस बयान के बाद राज्यसभा में सरकार के रुख को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो गई है।
