लखनऊ/मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा : उत्तराखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसमें युवक ने आरोप लगाया है कि उसका अपहरण कर जबरन शादी करवाई गई। आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उसी महिला अधिवक्ता पर है। जिसने तीन महीने पहले उस पर तेजाब हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में शादी की ‘रसम’ एक बाइक मैकेनिक ने ‘पंडित’ बनकर निभाई। मामला अब पुलिस और अदालत के बीच फंसा है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
जानें क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड के लालपुर गांव (थाना कुंडा क्षेत्र) निवासी सचिन कुमार ने ठाकुरद्वारा की एक अधिवक्ता, युवती, उसके पिता राजेंद्र सिंह, भाई अजय, और एक अन्य व्यक्ति अक्षय के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। सचिन के मुताबिक, 8 अप्रैल 2024 को जब वह काशीपुर जा रहा था, तभी इन लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और विवाह पंजीकरण कार्यालय ले जाकर उसकी शादी करवा दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शादी में ‘पंडित’ की जगह एक बाइक मैकेनिक को बैठा दिया गया! पंजीकरण दस्तावेज़ों में मैकेनिक सुरेंद्र सिंह का नाम पंडित के तौर पर दर्ज किया गया, जो कि युवती के चाचा भी हैं।
तेजाब हमला केस की भी परतें खुलीं
इससे पहले अधिवक्ता शशिबाला ने सचिन पर तेजाब फेंकने का आरोप लगाया था। यह केस ठाकुरद्वारा थाने में दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में आरोप झूठे साबित हुए और पुलिस ने केस में एफआर (Final Report) लगाकर उसे बंद कर दिया। अब सचिन ने उन्हीं आरोपियों पर अपहरण और जबरन विवाह कराने का केस कोर्ट में दायर किया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
किशोरी और अधिवक्ता ने दी
आरोपी किशोरी ने दावा किया है कि शादी उसकी सहमति से हुई थी और इसके गवाहों ने शपथपत्र भी दिए हैं। वहीं वकील का कहना है कि यह मुकदमा बदले की भावना से दर्ज किया गया है। क्योंकि, उन्होंने प्रिंसी के दहेज उत्पीड़न केस की पैरवी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन ने ही तेजाब से हमला किया था और अब वह अपनी छवि बचाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करवा रहा है।
पुलिस का क्या कहना है?
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है और अब विवेचना जारी है। पुलिस हर तथ्य को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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