बरेली : यूपी के बरेली जिले में किसान मोती सिंह की हत्या के सात साल बाद आखिरकार परिजनों को इंसाफ मिला है। मंगलवार को एडीजे तबरेज अहमद की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
खेत से लौटते समय किया जानलेवा हमला
यह मामला 29 सितंबर 2018 का है, जब बरेली देहात के फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान मोती सिंह पर खेत से लौटते समय नरसिंहपुर के पास बहेड़ी कोतवाली थाना क्षेत्र के गुलाबनगर गांव निवासी मैकू सिंह, उनके बेटे राजवीर और गिरिंद, भाई नर सिंह और भतीजे रमेश ने बंदूक, और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था। हमले में गंभीर रूप से घायल मोती सिंह को बरेली शहर के निजी अस्पताल राम किशोर में भर्ती किया गया।
10 दिन बाद तोड़ा दम
आरोपियों के हमले में गंभीर रूप से घायल मोती सिंह ने इलाज के दौरान 9 दिसंबर, 2018 को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस मामले में मृतक के भाई महेंद्र सिंह ने फरीदपुर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। घायल की मौत के बाद पुलिस ने अपराध संख्या 540/2018 को हत्या की धारा 301/34 और 504 में तरमीम किया।
अदालत ने सुनाया कठोर फैसला
इस हत्याकांड के दोषियों को एडीजी तबरेज अहमद ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को मृतक के परिजनों ने इंसाफ की जीत बताया है। इस मुकदमें में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश्वरी गंगवार ने पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी की थी, जबकि आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता कुंवर प्रताप सिंह, नेम सिंह और मुहम्मद दिलशाद और सैकी ने गवाह पेश किए थे।
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