मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना डिलारी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्रतिबंधित पुराने नोटों के जरिए कालेधन को सफेद करने का गैरकानूनी कारोबार चला रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 1 करोड़ 49 लाख 99 हजार रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की है। तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रूटीन चेकिंग में पकड़ा गया गिरोह

यह कार्रवाई उस वक्त सामने आई जब डिलारी पुलिस ने रूटीन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें से बड़े पैमाने पर पुराने 500 और 100 रुपये के नोट बरामद हुए, जिन्हें 2016 में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। बरामद नोटों की कुल राशि करीब 1.49 करोड़ रुपये निकली, जिसे देखकर पुलिस भी चौंक गई।
गिरफ्तार हुए तीन आरोपी, तीन फरार
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों – रियाज, विक्की गौतम और यासीन – को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं यूसुफ, सत्तार और फैसल नामक तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुराने नोटों के बदले 10% कमीशन पर नई करेंसी
एसपी क्राइम के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह 10% कमीशन के आधार पर पुराने नोटों के बदले नई करेंसी उपलब्ध कराता था। आरोपी पुराने नोटों को संग्रहित कर उन्हें एक नेटवर्क के माध्यम से वैध मुद्रा में बदलवाने की कोशिश करते थे। इस अवैध धंधे से जुड़े कुछ और नाम भी पुलिस को मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
बहु-राज्यीय नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ मुरादाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए खुफिया इकाई भी सक्रिय हो गई है।
अवैध करेंसी के खिलाफ बड़ी कामयाबी
पुलिस ने सभी बरामद नोटों को जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कालेधन से संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध करेंसी कारोबारियों पर करारा प्रहार है और आगे भी इस तरह की कार्रवाइयों को तेज किया जाएगा।
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