जायरीन की खिदमत, और लंगर के लिए विशेष इंतजाम,बरेली में अकीदतमंदों की आमद शुरू
बरेली : दरगाह आला हज़रत में तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी का आगाज़ गुरुवार, 6 अगस्त को परंपरागत परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) देश-विदेश से आए उलेमा और जायरीन की मौजूदगी में शाम 6 बजे रज़वी परचम फहराकर उर्स का शुभारंभ करेंगे। इससे पहले सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में परचमी जुलूस निकाला जाएगा। दरगाह प्रशासन के अनुसार उर्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।दरगाह से लेकर इस्लामिया मैदान तक मंच, पंडाल, पुस्तक मेला, वुज़ूखाना, पूछताछ केंद्र,अस्थायी चिकित्सालय, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। बरसात को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस्लामिया गेट से मंच तक बालू, मोरंग और बजरी डालकर अस्थायी सड़क भी तैयार कराई है। जिससे जायरीन को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
हुज्जतुल इस्लाम का कुल रात 10:35 बजे
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि गुरुवार सुबह फज्र की नमाज़ के बाद कुरआनख़्वानी होगी। इसके बाद शाम 5 बजे आज़म नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से परचमी जुलूस रवाना होगा। यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से दरगाह पहुंचकर सलामी देगा और फिर सुब्हानी मियां की कयादत में इस्लामिया मैदान पहुंचेगा, जहां उर्स का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।रात 10:35 बजे हुज्जतुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नातिया मुशायरा शुरू होगा। इस बार मुशायरे के लिए दरगाह की ओर से दिया गया तरही मिसरा “सूरत देखो ज़ालिम की तो कैसी भोली भालि है” रखा गया है। इस पर देशभर के शायर अपना कलाम पेश करेंगे। उधर, उर्स के मद्देनज़र देश-विदेश से जायरीन के बरेली पहुंचने का सिलसिला तेज़ हो गया है। दरगाह से इस्लामिया मैदान तक दुकानों की सजावट शुरू हो चुकी है और विभिन्न क्षेत्रों से फूलों की डलियों के जुलूस भी पहुंच रहे हैं।
जायरीन के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था
इसी बीच आला हज़रत वेल बीइंग संस्था ने भी उर्स के दौरान जायरीन की सेवा के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था करने की घोषणा की है। संस्था के अध्यक्ष और नवासा-ए-आला हज़रत सैय्यद शोएब मियां ने सभी सदस्यों से जायरीन की खिदमत को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।।संस्था के वरिष्ठ सदस्य मुस्तफा नवाज़ ने बताया कि 8 अगस्त को ख्वाजा कुतुब स्थित आला हज़रत वेल बीइंग के मुख्य कार्यालय में भी उर्स का आयोजन होगा। सुबह 11 बजे कुल शरीफ, नात-मनकबत, तकरीर और दुआ के बाद सभी जायरीन को लंगर-ए-रज़ा पेश किया जाएगा। इस कार्यक्रम की सरपरस्ती सैय्यद शोएब मियां करेंगे, जबकि मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन रज़वी बयान फरमाएंगे।
दरगाह और जिला प्रशासन का दावा है कि उर्स के दौरान लाखों जायरीन की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
