लखनऊ : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित कर कहा कि आज प्रदेश में किए गए विकास कार्यों का नतीजा है कि जहां पहले गांव-गांव से लोग रोजगार के लिए पलायन करते थे, वहीं अब प्रदेश में ही नौकरियां उपलब्ध हैं। सीएम योगी ने कहा, “युवा अपार ऊर्जा का स्रोत हैं। यूपी में सबसे ज्यादा युवा हैं और दुनिया भर में उनकी प्रतिभा की मांग है। आज रोजगार देने वाली कंपनियां और युवा एक मंच पर हैं।”
लघु और कुटीर उद्योगों की संख्या 96 लाख
उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में यूपी में लघु और कुटीर उद्योगों की संख्या 96 लाख तक पहुंच गई है। कोरोना काल के दौरान करीब 40 लाख मजदूर वापस आए, जिन्हें ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और MSME योजनाओं की मदद से रोजगार उपलब्ध कराया गया।
पंजीकृत इकाइयों को 5 लाख रुपये का बीमा कवर
सीएम ने कहा यूपी देश का पहला राज्य बना है, जिसने पंजीकृत इकाइयों को 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया। वृत्तिमान कौशल विकास योजनाएं, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और सीएम युवा उद्यमी योजना से लाखों युवाओं को प्रशिक्षण व लोन मिला। सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई है। इसमें 2.19 लाख पुलिस, 1.56 लाख शिक्षक, और कुल 8.5 लाख सरकारी नियुक्तियां की। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा, 2017 के बाद यूपी में जितने कारखाने रजिस्टर्ड हुए, उतने आज़ादी से अब तक नहीं हुए थे। योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए संकल्पित है।
50 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि रोजगार महाकुंभ में देश-विदेश की 100 से अधिक नामी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इसका लक्ष्य करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार देना है, जिनमें 8वीं पास से लेकर परास्नातक व डिप्लोमा इंजीनियर तक शामिल हैं।
युवाओं के लिए यह सुविधा
ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव होगा। शहर, प्रदेश और विदेश में रोजगार के अवसर। रोजगार कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों के साथ सीधी बातचीत। प्रदर्शनी के माध्यम से नई औद्योगिक नीतियों और कौशल विकास मॉडल की जानकारी। सीएम योगी ने कहा कि “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की नींव बनेगा।
