सपा प्रमुख बोले – न्याय का अर्थ केवल नियम नहीं, नीयत भी मायने रखती है, बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्या भाजपा सरकार की बड़ी विफलता”
लखनऊ/नोएडा : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा में मीडिया और पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में संविधान और तमाम कानून होने के बावजूद भेदभाव और अन्याय समय-समय पर होते रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा न्याय वह है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो, किसी पर जुल्म या नाइंसाफी न हो।
कानून की भाषा और नीयत दोनों मायने रखती हैं
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा, “कानून की भाषा साफ होनी चाहिए, लेकिन न्याय की भावना और जिम्मेदारियों की नीयत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। न किसी का उत्पीड़न होना चाहिए, न किसी के साथ अन्याय होना चाहिए।” उन्होंने यूजीसी के 2012 रेगुलेशन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विश्वविद्यालयों में कई समस्याएं सामने आई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब तक उन नियमों और व्यवहारों से कुछ सीखा गया है और संविधान यह सुनिश्चित करता है कि कहीं भेदभाव न हो।
आर्थिक नीतियों पर कसा तंज
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार नौजवानों को नौकरी और रोजगार देने में विफल रही है, मंहगाई लगातार बढ़ रही है, और आम जनता के लिए जीवन मुश्किल बन रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी से किसान, मजदूर और सामान्य परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने किसानों की समस्या पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खेती का लागत मूल्य लगातार बढ़ रहा है, किसानों की आय दुगुनी नहीं हुई है, और उनकी फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा। इसके पीछे बिचौलियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है और भाजपा सरकार जनता से किए गए वादे पूरे नहीं कर पाई।
दिल्ली सरकार और जनहितकारी सवाल
पूर्व सीएम ने दिल्ली सरकार के बजट और मेट्रो परियोजनाओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री सड़क वाली मेट्रो नहीं बना रहे हैं, बल्कि पानी वाली मेट्रो बनाने की बातें कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने गुजरात में एक बच्चे की मदद के लिए पुलिस समय पर क्यों नहीं पहुंची, इस सवाल को भी उठाया और कहा कि देश के लिए जिम्मेदार लोग भी अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहे।
यूजीसी पर कही ये बात
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों में दोषियों को सजा मिले और निर्दोषों के साथ कोई अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि समाज में न्याय और समानता कायम करना सरकार की जिम्मेदारी है। अखिलेश यादव ने कहा कि कानून और संविधान हैं, फिर भी भेदभाव और अन्याय होते हैं। यूजीसी 2012 रेगुलेशन और विश्वविद्यालयों में हुए व्यवहारों पर सवाल उठाया। भाजपा सरकार पर मंहगाई, बेरोजगारी और किसानों की आय को लेकर तीखा हमला।
