स्नातक की 5 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 6 सीटों पर मतदान, पात्र कर्मचारियों को मिलेगा विशेष आकस्मिक अवकाश; पहचान पत्र नहीं होने पर 10 वैकल्पिक दस्तावेजों से कर सकेंगे मतदान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने मतदान के दिन विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया है। इन चुनावों में 11 सीटों पर 14.18 लाख मतदाता कुल 152 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग ने विशेष आकस्मिक अवकाश को लेकर विज्ञप्ति जारी की है।
स्नातक की 5 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 6 सीटों पर मतदान
विधान परिषद चुनाव में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इन सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की तैयारियां की जा रही हैं।
खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें:
- लखनऊ
- वाराणसी
- आगरा
- मेरठ
- इलाहाबाद-झांसी
खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें:
- लखनऊ
- वाराणसी
- आगरा
- मेरठ
- बरेली-मुरादाबाद
- गोरखपुर-फैजाबाद
इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 14.18 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। चुनाव मैदान में 152 प्रत्याशी हैं, जिनके राजनीतिक भविष्य का फैसला मतदाता करेंगे।
23 अक्टूबर को किन कर्मचारियों को मिलेगी छुट्टी?
उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के अनुसार, ऐसे पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा, जो विश्वविद्यालय से स्नातक हैं और संबंधित खंड स्नातक अथवा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रमाणित मतदाता हैं। यह अवकाश 23 अक्टूबर को मतदान करने के लिए दिया जाएगा, ताकि संबंधित कर्मचारी बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। कर्मचारियों को अवकाश के लिए शासन के निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन करना होगा।
मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो इन दस्तावेजों से डाल सकेंगे वोट
विधान परिषद चुनाव में जिन मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है, वे निर्धारित 10 वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड सहित अन्य मान्य दस्तावेज शामिल हैं। मतदान से पहले मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मान्य दस्तावेजों की सूची की पुष्टि कर लें और मतदान केंद्र पर आवश्यक पहचान पत्र साथ लेकर जाएं।
मतदान से पहले मतदाता अपनी पात्रता जरूर जांचें
23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में मतदान करने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। केवल पहचान पत्र होने से मतदान का अधिकार सुनिश्चित नहीं होता। इसलिए मतदाताओं को अपनी पंजीकरण स्थिति, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र और पहचान दस्तावेजों की जानकारी पहले ही जांच लेनी चाहिए। पात्र कर्मचारियों को भी विशेष आकस्मिक अवकाश के संबंध में जारी शासनादेश की शर्तों को ध्यान में रखना होगा।
