बिजली, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और कथित राम मंदिर चंदा मामले पर सरकार को घेरने की कोशिश, दिवंगत विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक और विधान परिषद सदस्य ‘दान पेटी’ लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, आजमगढ़ के निजामाबाद से विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सरकार का विपक्ष पर पलटवार
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि 2017 से पहले और उसके बाद उत्तर प्रदेश में हुए विकास का अंतर साफ दिखाई देता है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि यदि कोई सवाल है तो सदन में चर्चा करें, सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने भी आरोप लगाया कि विपक्ष हर सत्र में केवल प्रदर्शन करता है और जनता के मुद्दों से उसका कोई सरोकार नहीं है।
विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सदन में चोरी, बिजली संकट, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर हुए कथित हमले का भी जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने दान पेटी के साथ प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और नीट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया।
विधायक आलम बदी को दी गई श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि दी। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी आलम बदी से जुड़े संस्मरण साझा किए।
