सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- मेरे सोशल मीडिया खातों को लगातार निशाना बनाया जा रहा, मेटा में जांच-पड़ताल की व्यवस्था पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट को लगातार ब्लॉक किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। सौरव दास ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि उनके सोशल मीडिया खातों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और इसका असर उनके खाते की पहुंच पर भी पड़ रहा है।
इंस्टाग्राम पोस्ट ब्लॉक होने पर उठाए सवाल
सौरव दास ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उनके अक्षत त्रिपाठी के साथ बनाए गए एक वीडियो की रिपोर्ट किसी नय्यर गितेश नाम के व्यक्ति ने की। उन्होंने बताया कि अक्षत त्रिपाठी 20 साल के छात्र हैं और उनके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से पांच लाख रुपये का बेल बॉन्ड जारी किया गया था। सौरव दास का आरोप है कि इस वीडियो की रिपोर्ट के बाद उनकी सामग्री को ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों की कार्यप्रणाली और सामग्री की जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मेटा की जांच-पड़ताल पर सवाल
सौरव दास ने अपनी पोस्ट में सवाल किया कि क्या मेटा की ओर से सामग्री को ब्लॉक करने से पहले पर्याप्त जांच-पड़ताल की जाती है। उनका दावा है कि बार-बार सामग्री ब्लॉक होने की वजह से उनके खाते की पहुंच कम हो रही है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ इंस्टाग्राम खाते का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इसमें कॉपीराइट उल्लंघन का हवाला देते हुए सामग्री को ब्लॉक किए जाने की सूचना दिखाई गई है। उनके अनुसार, 10 सितंबर को इंस्टाग्राम पर प्रकाशित की गई सामग्री को ब्लॉक किया गया है।
मोदी सरकार पर भी साधा निशाना
सौरव दास ने इस पूरे मामले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें सरकार के दबाव में नहीं आना चाहिए।सौरव दास ने सोशल मीडिया खातों को निशाना बनाए जाने, सामग्री को ब्लॉक किए जाने और खातों की पहुंच प्रभावित होने को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं।
कौन हैं सौरव दास?
सीजेपी नेता और प्रवक्ता सौरव दास के लिंक्डइन परिचय के मुताबिक वह दिल्ली के रहने वाले हैं और खोजी पत्रकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई की है। बताया गया है कि सौरव दास ने वर्ष 2017 में 18 साल की उम्र में सूचना का अधिकार कानून का इस्तेमाल शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने कई मामलों को लेकर जानकारी जुटाई और खुलासे किए।
कई बड़े संस्थानों में प्रकाशित हो चुके हैं लेख
सौरव दास ने वर्ष 2020 में पेशेवर पत्रकार के तौर पर लिखना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कानून, शासन, न्यायपालिका, अपराध और संस्थागत पारदर्शिता जैसे विषयों पर लेख लिखे।उनके लेख द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू सहित कई बड़े मीडिया संस्थानों में प्रकाशित होने का उल्लेख उनके परिचय में किया गया है। फिलहाल सौरव दास की ओर से लगाए गए आरोपों पर मेटा की ओर से किसी जवाब की जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर सामग्री को ब्लॉक किए जाने और खाते की पहुंच प्रभावित होने को लेकर यह विवाद आगे भी चर्चा में रह सकता है।
