लखनऊ में शुक्रवार रात हुआ निधन, लंबे समय से चल रहा था इलाज; 2017 से 2022 तक यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे राम गोविंद चौधरी
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वह कई दिनों से अस्पताल के उपचाराधीन थे। उनके निधन की पुष्टि संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने की। राम गोविंद चौधरी के निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखिलेश यादव ने बताया समाजवादी आंदोलन की बड़ी क्षति
अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके जाने से समाजवादी आंदोलन और पार्टी को बड़ी क्षति हुई है। अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर लिखे संदेश में उन्हें समाजवादी विचारधारा का प्रकाश-स्तंभ बताते हुए कहा कि उन्होंने जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल आगे बढ़ाई। उन्होंने कहा कि बलिया की क्रांतिकारी धरती से छात्र राजनीति के रास्ते आगे बढ़ते हुए राम गोविंद चौधरी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद तक पहुंचे। सदन में उनकी आवाज और तर्कों का सम्मान किया जाता था।
सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे
अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष किया और जनपक्ष को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राम गोविंद चौधरी ने उस समय भी अपनी आवाज मजबूती से उठाई, जब सदन में समाजवादी पार्टी के पास 50 विधायक भी नहीं थे। अखिलेश के मुताबिक, सदन में उनके बोलने के दौरान सभी सदस्य गंभीरता से उनकी बात सुनते थे।
आठ बार विधायक रहे राम गोविंद चौधरी

राम गोविंद चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1953 को बलिया जिले के गोसाईंपुर गांव में हुआ था। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में लंबे समय तक विधानसभा की राजनीति में सक्रिय रहे। वह कुल आठ बार विधायक चुने गए। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने कई बार जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में बांसडीह सीट से जीत के बाद अखिलेश यादव सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
2017 से 2022 तक रहे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
राम गोविंद चौधरी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। उन्होंने 2017 से 2022 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री भी रह चुके थे। पार्टी संगठन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रहे।
अखिलेश ने कहा- बड़ों के लक्ष्यों को पूरा करना अब हमारी जिम्मेदारी

अखिलेश यादव ने कहा कि राम गोविंद चौधरी का समाजवादी पार्टी में एक मार्गदर्शक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव और राम गोविंद चौधरी समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्ष में लंबे समय तक साथ रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि अब सभी समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि अपने वरिष्ठ नेताओं के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ आगे बढ़ें। राम गोविंद चौधरी के निधन से समाजवादी पार्टी ने अपने एक वरिष्ठ नेता को खो दिया है। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में विधायक, मंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में निभाई गई भूमिकाएं दर्ज हैं।
