सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने जिलाधिकारी से की शिकायत, करीब 20 हजार अल्पसंख्यक मतदाताओं के नामों में बदलाव का दावा; जांच नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
पीलीभीत : पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। सपा नेताओं ने गन्ना राज्यमंत्री और तत्कालीन उपजिलाधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण कुछ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित होने की आशंका है। इस संबंध में नेताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में गड़बड़ी का दावा
कलेक्ट्रेट पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने दावा किया कि जिले की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनके मुताबिक, करीब 20 हजार अल्पसंख्यक मतदाताओं के नामों में बदलाव किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। सपा नेताओं ने मांग की कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची में सामने आई कथित विसंगतियों को दूर किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान करने में परेशानी न हो।
बीएलओ की जानकारी के बिना ऑनलाइन बदलाव का आरोप
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार के अनुसार, पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम बदले जाने की शिकायत मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बदलाव बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की जानकारी के बिना ऑनलाइन किए गए। सपा नेताओं का कहना है कि नामों में कथित बदलाव के कारण मतदान के समय मतदाता पहचान पत्र और मतदाता सूची के विवरण का मिलान करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि बदलाव किस प्रक्रिया के तहत और किन परिस्थितियों में किए गए।
तत्कालीन एसडीएम और मंत्री की भूमिका पर लगाए आरोप
धर्मेश गंगवार ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के लिए तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी और गन्ना राज्यमंत्री के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। सपा नेताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि, ये आरोप समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों या मंत्री का पक्ष सामने आने पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जांच की मांग
सपा नेताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मतदाता सूची और उससे जुड़े अभिलेखों की जांच कराने, कथित विसंगतियों को दूर करने और पात्र मतदाताओं के नाम सही कराने की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि से नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर नहीं पड़ना चाहिए। इसलिए पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान शिकायतों का समय रहते निस्तारण किया जाना जरूरी है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कथित गड़बड़ियों की जांच कर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। फिलहाल सपा नेताओं ने शिकायत के जरिए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई है। अब मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
रिपोर्टर: ऋतिक द्विवेदी
