पीलीभीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा से पहले बढ़ा विवाद
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक जुलाई को प्रस्तावित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के दौरे से पहले धार्मिक और सामाजिक विवाद सामने आ गया है। नाथ संप्रदाय के महंत योगी हनुमान नाथ ने इस यात्रा का विरोध करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयान के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
महंत योगी हनुमान नाथ ने लगाए गंभीर आरोप
महंत योगी हनुमान नाथ ने दावा किया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ऐसे लोग जुड़े हुए हैं जिनकी विचारधारा पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद का विधिवत पट्टाभिषेक नहीं हुआ है, इसलिए वे उन्हें वास्तविक शंकराचार्य नहीं मानते। महंत का कहना है कि उनका आचरण भी शंकराचार्य पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
गोरक्षपीठ और मुख्यमंत्री पर बयानों का लगाया आरोप
महंत योगी हनुमान नाथ ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ वर्ष से अविमुक्तेश्वरानंद लगातार गोरक्षपीठ और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बयान देते रहे हैं। उनके अनुसार यह यात्रा धार्मिक कम और राजनीतिक अधिक प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं।
गौ-रक्षा पर शास्त्रार्थ की खुली चुनौती
महंत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को गौ-रक्षा के मुद्दे पर सार्वजनिक शास्त्रार्थ की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि वे अपने विचारों पर अडिग हैं तो खुली चर्चा करें, अन्यथा पीलीभीत आने से पहले अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करें। साथ ही उन्होंने आयोजकों से भी कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
महंत योगी हनुमान नाथ के इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित कार्यक्रम तय समय पर होगा या विवाद के बीच इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी,पीलीभीत
