अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप, मायावती बोलीं- अब किसी भी हाल में नहीं होगी वापसी
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपने समधी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता राघवेंद्र सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की अब भविष्य में किसी भी परिस्थिति में पार्टी में वापसी नहीं होगी।
अशोक सिद्धार्थ पर लगाए गंभीर आरोप
मायावती ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले भी अनुशासनहीनता और संगठन में तालमेल की कमी के कारण जिम्मेदारियों से हटाया गया था। बाद में उन्हें अन्य राज्यों में संगठन मजबूत करने का मौका दिया गया, लेकिन वहां भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रहीं। कई चेतावनियों के बावजूद सुधार नहीं होने पर उन्हें पहले सभी पदों से हटाया गया और अब पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
यूपी में सक्रिय होने की खबरों को बताया भ्रामक
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के उत्तर प्रदेश में दोबारा सक्रिय होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उनका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम फैलाना और संगठन को नुकसान पहुंचाना है।
राघवेंद्र सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई
मायावती ने बताया कि राघवेंद्र सिंह बेनीवाल के खिलाफ भी पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी निभाने के दौरान अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें मिली थीं। इसके चलते उन्हें भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
रामजी गौतम को मिली नई जिम्मेदारी
बसपा ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को दोबारा पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। वह अन्य राज्यों के साथ पंजाब में भी आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचने की अपील भी की।
