लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर पर ‘बम’ लिखा हुआ मिला। उड़ान भरने से ठीक पहले मिली इस सूचना ने एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए विमान को तुरंत रोक दिया गया और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए।
जानकारी के अनुसार इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6ई-2111 शुक्रवार सुबह करीब 11:15 बजे लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। इसी दौरान विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर बम होने का संदेश लिखा था। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद विमान को एसटीसी से संपर्क करने के बाद टैक्सी-वे एरिया में ले जाया गया और उड़ान की प्रक्रिया रोक दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी जोखिम के सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला। विमान में सवार करीब 180 यात्रियों और उनके सामान की अलग-अलग जांच की गई। सीआईएसएफ, एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों और अन्य एजेंसियों ने विमान के अंदर और बाहर सघन तलाशी अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ते ने भी विमान के प्रत्येक हिस्से की गहन जांच की।
इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के बीच चिंता और घबराहट का माहौल बना रहा। कई यात्री अपनी यात्रा में हो रही देरी और सुरक्षा जांच को लेकर परेशान नजर आए। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने यात्रियों को लगातार स्थिति की जानकारी देते हुए उन्हें शांत रखने का प्रयास किया। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया गया।
करीब कई घंटों तक चली जांच के बाद सुरक्षा एजेंसियों को विमान के भीतर कोई भी संदिग्ध, विस्फोटक या हानिकारक वस्तु नहीं मिली। इसके बाद बम संबंधी सूचना को पूरी तरह झूठा और भ्रामक करार दिया गया। हालांकि सुरक्षा नियमों के तहत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं, जिसके कारण विमान की उड़ान में काफी देरी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि टिश्यू पेपर पर बम संबंधी संदेश किसने लिखा और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट परिसर और विमान से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा यात्रियों और विमान कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि इस शरारत के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान की जा सके।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विमान में बम की झूठी सूचना मिलने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार विभिन्न एयरलाइंस और एयरपोर्ट पर इस तरह की फर्जी धमकियां दी जा चुकी हैं। हर बार सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक स्तर पर जांच करनी पड़ती है, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है और उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की झूठी सूचनाएं न केवल सुरक्षा एजेंसियों का समय और संसाधन बर्बाद करती हैं, बल्कि यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
