Agra: आगरा से लगभग 45 किलोमीटर दूर खेरागढ़ क्षेत्र में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। देवी विसर्जन के दौरान खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। कुसियापुर गांव के युवक मूर्ति विसर्जन के बाद ऊंटगन नदी में नहाने उतर गए, लेकिन नदी की तेज धार और गहराई ने एक के बाद एक 13 युवकों को अपनी लहरों में समा लिया।
गांव कुसियापुर में दुर्गा महोत्सव के तहत धूमधाम से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। विसर्जन के लिए ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे ऊंटगन नदी के किनारे पहुंचे थे। मूर्ति विसर्जन के बाद कुछ युवक नहाने लगे। तभी अचानक एक युवक गहराई में फंस गया, उसे बचाने के लिए अन्य युवक भी नदी में उतर गए, लेकिन सभी तेज बहाव में डूबते चले गए। मौके पर हाहाकार मच गया, ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, मगर कोई सफल नहीं हो सका।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। अब तक पांच युवकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी युवकों की तलाश लगातार जारी है। तीन युवकों को गंभीर हालत में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया। घर-घर से चीख-पुकार की आवाजें गूंज उठीं। मौके पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, पुलिस कमिश्नर, अपर पुलिस आयुक्त, डीसीपी, एडीएम एफआर और स्थानीय विधायक पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF, PAC, और इटावा से आई गोताखोर टीमों के साथ अब सेना और पैरामिलिट्री फोर्स ने भी मोर्चा संभाल लिया है। युद्धस्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन की देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई और खेरागढ़-बसई नवाब मार्ग पर जाम लगा दिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया और रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए।
फिलहाल ऊंटगन नदी किनारे भारी पुलिस बल तैनात है, हजारों की संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है और लापता युवकों की तलाश जारी है। देवी विसर्जन के इस दुखद हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक और सदमे में डाल दिया है।
