500 प्रति सदस्य लेकर कार्ड बनाने का झांसा, इलाज के दौरान फर्जी निकला आयुष्मान कार्ड, बारादरी थाने में BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
बरेली : फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर लोगों से रुपये वसूलने के आरोप में बारादरी थाना पुलिस ने एक नामजद आरोपी समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने पूरे परिवार के आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन इलाज के दौरान कार्ड फर्जी निकला। जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।एफआईआर के अनुसार, परतापुर जीवन सहाय, थाना इज्जतनगर निवासी इनाम अली ने शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2025 में उनके परिवार के छह सदस्यों के आयुष्मान कार्ड।बनवाने के लिए शोएब निवासी जीवी नवादा, क्रिकेट बाउंड्री के पास, नाथ मंदिर, बारादरी को दस्तावेज और प्रति सदस्य 500 के हिसाब से कुल 3000 रूपये दिए थे। आरोपी ने एक माह के भीतर कार्ड बनवाकर देने का आश्वासन दिया था।
पैरालिसिस अटैक से खुला फर्जीवाड़ा

शिकायत में कहा गया है कि काफी समय बीतने के बाद भी कार्ड नहीं बनाए गए। लगातार दबाव बनाने पर आरोपी ने 20 दिसंबर 2025 को केवल इनाम अली के नाम का एक कार्ड प्रिंट कर दिया और बाकी कार्ड बाद में देने की बात कही। एफआईआर के मुताबिक, 18 जनवरी 2026 को इनाम अली को लकवा (पैरालिसिस) होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के लिए जब आयुष्मान कार्ड का उपयोग किया गया,तो अस्पताल की जांच में वह फर्जी पाया गया। इसके कारण आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल सका और शिकायतकर्ता को निजी खर्च पर करीब दो महीने तक इलाज कराना पड़ा।
कैफे के माध्यम से बनते थे आयुष्मान कार्ड

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में आरोपी ने परिवार के अन्य सदस्यों के दस्तावेज भी अपने पास रख लिए और सभी के कार्ड जल्द बनवाने का भरोसा दिया। कुछ समय बाद आवेदन सूची मिलने पर पता चला कि सभी आयुष्मान कार्ड फर्जी हैं। आरोप है कि आरोपी फोन उठाना भी बंद कर दिया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक कैफे के माध्यम से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का संगठित गिरोह चला रहा है और लोगों से आयुष्मान योजना के नाम पर रुपये वसूलकर फर्जी कार्ड जारी करता है।
बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज


शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना बारादरी में एफआईआर संख्या 0990/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कुशल पाल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
