बाराबंकी : बुधवार रात करीब 9:30 बजे बाराबंकी–गोंडा रेलमार्ग पर बुढ़वल स्टेशन के पास एक तेज़ रफ्तार डंपर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 25 फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर गिर गया।
किस समय क्या हुआ?
डंपर, जो सीतापुर से बिहार जा रहा था और प्लाई लदी थी, अचानक बेकाबू होकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गया। उसी वक्त बगल वाले ट्रैक पर 12204 गरीब रथ एक्सप्रेस अमृतसर से बिहार के सहरसा के लिए गुजर रही थी। पुल से गिरते समय डंपर के साथ एक बड़ा पत्थर भी ट्रैक पर गिरा, जो बोगी G2 की छत पर जा लगा। इससे खिड़कियों के शीशे टूट गए और बोगी की छत को भी काफी नुकसान हुआ। तेज आवाज सुनकर यात्री दहशत में आ गए। अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ट्रेन और यात्री सुरक्षित
लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन रोक दी। गनीमत रही कि किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई। रेलवे की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और G2 बोगी के टूटे शीशों को बदलने का काम किया।
डंपर चालक फंसा, दो घंटे बाद निकाला गया
डंपर के केबिन में ड्राइवर पंकज कुमार (गोंडा निवासी) फंस गया। घंटों की मशक्कत के बाद जब उसे अकेले नहीं निकाला जा सका, तो डंपर काटकर उसे बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के कारण रेल यातायात लगभग 6 घंटे तक बाधित रहा। इससे करीब 24 ट्रेनें प्रभावित हुईं। रेलवे ने तड़के 3:30 बजे ट्रेन को इंजन बदलकर रवाना किया।
रेलवे और पुलिस की राहत कार्य टीम मौजूद
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सेफ्टी अधिकारी शिल्पी कनौजिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने यात्रियों को आश्वस्त किया और रेलवे टीम को राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। पुलिस, रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोग घटनास्थल पर राहत कार्य में लगे रहे।
