उचित मुआवजे के लिए किसानों से एकजुट होकर आंदोलन करने की अपील, हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जमीन अधिग्रहण पर उठाया सवाल; केंद्र सरकार पर किसानों को भूमिहीन बनाने की कोशिश का आरोप
बिजनौर: बिजनौर में आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने जमीन के उचित मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जमीन के बैनामे करने से पहले अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें, ताकि उन्हें सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा मिल सके। टिकैत ने हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जमीन देने के मामलों में किसानों से एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने किसान संगठनों में गुटबंदी खत्म कर एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
जमीन के बैनामे से पहले अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें किसान
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को अपनी जमीन के उचित मुआवजे के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने जमीन के बैनामे करने के बजाय अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की। उनके मुताबिक, किसानों को सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिलाने के लिए सामूहिक संघर्ष जरूरी है। टिकैत ने किसानों से जमीन से जुड़े मामलों में अपने हितों को प्राथमिकता देने और संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसानों को एकजुट होकर आगे आना होगा, तभी उनकी मांगों को मजबूती मिल सकेगी।
हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों की जमीन के मुआवजे का मुद्दा उठाया
महापंचायत में हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ली जाने वाली जमीन के मुआवजे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। राकेश टिकैत ने किसानों से अपील की कि जमीन देने से पहले वे अपने अधिकारों की आवाज उठाएं और उचित मुआवजे की मांग करें। उन्होंने सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा मिलने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसानों को संगठित होकर आंदोलन करना चाहिए। महापंचायत में जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े सवाल किसानों के हितों के लिहाज से अहम रहे।
केंद्र सरकार पर किसानों को भूमिहीन बनाने की कोशिश का आरोप
राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर किसानों को भूमिहीन बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों से जमीन से जुड़े मामलों में सतर्क रहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। टिकैत ने किसान संगठनों के बीच गुटबंदी खत्म करने और आपसी एकता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हितों की रक्षा के लिए एक मंच पर आना चाहिए और हाईवे तथा औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जमीन लिए जाने के मामलों में उचित मुआवजे की मांग मजबूती से उठानी चाहिए।
