बरेली : यूपी के बरेली शहर में जलभराव की समस्या को लेकर डीएम अविनाश सिंह ने रविवार को मिनी बाईपास और किला क्षेत्र की प्रभावित कॉलोनियों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। डीएम ने मिनी बाईपास क्षेत्र स्थित लाजपत नगर, केसर वाटिका और त्रिवेणी एनक्लेव के साथ ही किला क्षेत्र की बालाजी विहार कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ जलभराव के कारणों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
नदी क्षेत्र में विकसित की कॉलोनी

निरीक्षण में सामने आया कि जलभराव की समस्या का प्रमुख कारण नदी की भूमि और प्राकृतिक जल निकासी क्षेत्र पर कॉलोनियों का विकसित होना है। इससे बारिश के पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है और प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। डीएम अविनाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और नदी की भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बालाजी विहार कॉलोनी में डीएम ने भूमि का सीमांकन कराने और अवैध कब्जेदारों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान वहां दो मकानों का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन स्वीकृत भवन मानचित्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इस पर जिलाधिकारी ने दोनों निर्माणाधीन भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों पर रोक

इसके अलावा यू.एस. मेमोरियल स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य को भी अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक विधिक स्वीकृतियों के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम सिटी डॉ. अविनाश त्रिपाठी, एसडीएम सदर ईशिता किशोर सहित नगर निगम और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बरेली में जलभराव से प्रभावित इलाकों के इस निरीक्षण के बाद अब नदी की भूमि, प्राकृतिक जल निकासी क्षेत्रों और बिना स्वीकृत मानचित्र के हो रहे निर्माणों पर प्रशासन की कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
