मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के 123वें दीक्षांत समारोह में 25 मुफ्ती, 62 आलिम और 62 हाफिज व कारी को मिलेगी डिग्री
बरेली : दरगाह आला हजरत परिसर में 29 और 30 अक्टूबर को हुज्जातुल इस्लाम हजरत मुफ्ती हामिद रजा खां (हामिद मियां) का 86वां दो रोजा उर्स -ए-हामिदी मनाया जाएगा। इसके साथ ही आला हजरत द्वारा स्थापित मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम का 123वां दीक्षांत समारोह यानी दस्तारबंदी भी आयोजित होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में मदरसे से शिक्षा पूरी करने वाले 149 छात्रों को दस्तारबंदी के साथ डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। वहीं, मुफस्सिर-ए-आज़म हजरत मौलाना इब्राहीम रजा खां (जिलानी मियां) के 63वें कुल शरीफ की रस्म भी अदा की जाएगी। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सभी कार्यक्रम दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती, सज्जादानशीन बदरुश्शरिया।मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत और सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में आयोजित होंगे। उर्स और दस्तारबंदी को लेकर दरगाह परिसर में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
29 अक्टूबर को कुरानख्वानी से उर्स का आगाज
उर्स-ए-हामिदी का आगाज 29 अक्टूबर को नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानख्वानी से होगा। इसके बाद सुबह आठ बजे मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम में खत्म बुखारी शरीफ की महफिल आयोजित की जाएगी। इसमें मदरसे के शेखुल हदीस मुफ्ती हनीफ खां शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को आखिरी दर्स देंगे। इसी दिन सुबह 10:30 बजे हजरत जिलानी मियां के 63वें कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद रात में नमाज-ए-इशा के बाद तहरीरी और तकरीरी मुकाबले आयोजित होंगे।
30 अक्टूबर को मुख्य कार्यक्रम, रात 10:35 बजे कुल शरीफ
उर्स के दूसरे दिन 30 अक्टूबर को दिनभर नात-ओ-मनकबत का सिलसिला जारी रहेगा। मुख्य कार्यक्रम रात नौ बजे नमाज -ए-इशा के बाद शुरू होगा। इस दौरान उलमा हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रजा खां की जिंदगी, इल्मी सेवाओं और धार्मिक योगदान पर रोशनी डालेंगे। रात 10 बजकर 35 मिनट पर हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी विशेष दुआ करेंगे। मुख्य कार्यक्रम के दौरान ही मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम का 123वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा।
149 छात्रों की होगी दस्तारबंदी, तीन श्रेणियों में मिलेगी डिग्री
इस साल दस्तारबंदी समारोह में कुल 149 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें 25 मुफ्ती, 62 आलिम और 62 हाफिज व कारी शामिल हैं। दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां अपने हाथों से छात्रों की दस्तारबंदी करेंगे। सभी सफल छात्रों को डिग्रियां भी सौंपी जाएंगी। मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम का यह दीक्षांत समारोह धार्मिक शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। उर्स-ए-हामिदी के साथ आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।
उर्स की तैयारियों को लेकर दरगाह पर बैठक
दो दिवसीय उर्स और दस्तारबंदी समारोह की तैयारियों को लेकर दरगाह परिसर में बैठक आयोजित की गई। इसमें मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के सदर मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी, राशिद अली खां, हाजी जावेद खां, परवेज नूरी, शाहिद नूरी, औरंगजेब नूरी, अजमल नूरी, शान रजा, ताहिर अल्वी, मंजूर रजा, मुजाहिद बेग, नाजिम रजा, इशरत नूरी, आलेनबी, सुहैल रजा, सय्यद एजाज, सय्यद माजिद अली, हाजी अब्बास नूरी, तारिक सईद, शाद रजा, अमान रजा, यूनुस गद्दी, इरशाद रजा,साजिद नूरी,आदिल रजा, काशिफ रजा,अरवाज रजा, आरिफ नूरी, सबलू अल्वी, जुनैद मिर्जा, गजाली रजा, नईम रजा, साकिब रजा,शरिक बरकाती, मुस्तकीम नूरी,समी रजा,अजमल रजा, जीशान चिश्ती,हाजी शकील,अयान कुरैशी,नोमान खां, शोएब रजा,आसिम रजा,मोहसिन रजा,अशमीर रजा, गौहर खां, हाजी अजहर बेग और हस्सान रजा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।दरगाह की ओर से बताया कि 29 और 30 अक्टूबर को होने वाले इन कार्यक्रमों में उर्स-ए-हामिदी, जिलानी मियां के कुल शरीफ और मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम की दस्तारबंदी प्रमुख आयोजन होंगे।
