बरेली : यूपी के बरेली शहर के सीबीगंज थाना क्षेत्र के चंदपुर सरनिया गांव में आवारा पशुओं का आतंक एक परिवार पर भारी पड़ गया। गांव में फल बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले 65 वर्षीय शाखाबत अली की इलाज के दौरान मौत हो गई। पूर्व सांसद के पीआरओ मसूद अली पीरजादा (बशारत मियां) ने बताया बताया कि उन पर 29 अप्रैल को दो आवारा सांडों ने हमला कर दिया था। इसके बाद से वह गंभीर रूप से घायल थे, और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे।
गांव में बेचते थे फल
परिजनों के अनुसार शाखाबत अली गांव में घूमकर ठेले पर फल बेचने का काम करते थे। घटना वाले दिन वह रोज की तरह गांव में फल बेच रहे थे। इसी दौरान अचानक दो आवारा सांड आपस में लड़ते हुए उनकी तरफ आ गए, और उन्होंने शाखाबत अली पर हमला कर दिया। हमले में सांडों ने पहले उनका ठेला पलट दिया, और फिर उन्हें पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
काफी मुश्किल से सांडों को भगाया
इस घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों सांडों को वहां से भगाया और घायल अवस्था में शाखाबत अली को अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद आखिरकार शुक्रवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार में पत्नी समेत पांच बच्चे हैं। शाखाबत अली ही परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत (इंतकाल) के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है।
कई लोगों की ले चुके हैं जान
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन सांड और अन्य पशु लोगों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़वाने और परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। क्योंकि, वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं।
