7% ब्याज सब्सिडी और 50,000 तक लोन,1 करोड़ से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को फायदा, ऐसे मिलेगा लाभ
बरेली : भारत सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के रेहड़ी-पटरी वालों को बिना किसी गारंटी के लोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना कारोबार बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा का कहना है कि इस कदम से स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा दोनों मिलेंगी। अब तक लाखों वेंडर्स योजना से लाभान्वित हो चुके हैं, और इसकी अवधि बढ़ने से 1 करोड़ से अधिक लोगों को सीधे फायदा मिलेगा।
योजना का उद्देश्य और महत्व
स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करना। शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूती देना। भारत में इन वेंडर्स को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसमें रेहड़ीवाला, ठेलेवाला, हॉकर, फड़ीवाला आदि। ये न केवल वस्तुएं (सब्ज़ियां, फल, स्ट्रीट फूड, कपड़े, किताबें, जूते) बल्कि सेवाएं (नाई, मोची, पान, लॉन्ड्री) भी देते हैं। इनकी भूमिका शहरवासियों तक सस्ती वस्तुएं और सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण है।
जानें योजना की मुख्य विशेषताएं
इसमें तीन चरणों में 10,000, 20,000 और 50,000 तक का बिना गारंटी लोन है। समय पर भुगतान करने पर 7% प्रतिवर्ष ब्याज सब्सिडी मिलेगी। डिजिटल लेन-देन करने वालों को कैशबैक है। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मान्यता प्राप्त रेहड़ी-पटरी वाले हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक खाता, स्थानीय निकाय द्वारा जारी स्ट्रीट वेंडर प्रमाण पत्र
