मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में चुनी गए गांव, छह चरणों की जांच के बाद बनी विजेताओं की सूची
बरेली : गांवों में विकास कार्यों को बेहतर बनाने और ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत बरेली जिले की पांच ग्राम पंचायतों ने अपनी जगह बनाई है। इन पंचायतों को गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इस उपलब्धि से चयनित ग्राम पंचायतों में विकास की नई संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस योजना के लिए बरेली जिले की कुल 121 ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया था। आवेदनों और विकास कार्यों के मूल्यांकन के बाद छह चरणों की जांच प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें ऑनलाइन आवेदन की जांच, जनपद स्तरीय समिति का आकलन, स्थलीय सत्यापन और रैंडम जांच जैसी प्रक्रियाएं शामिल रहीं। निर्धारित मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली पांच ग्राम पंचायतों का अंतिम रूप से चयन किया गया।
इन पांच ग्राम पंचायतों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में जिले के अलग-अलग विकास खंडों की पंचायतें शामिल हैं। इनमें फरीदपुर ब्लॉक की लौंगपुर,फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक की औंध, बिथरी चैनपुर ब्लॉक की अधलखिया, मझगवां ब्लॉक की अन्तपुर और नवाबगंज क्षेत्र की शिवनगर ग्राम पंचायत का नाम शामिल है। इन पंचायतों का चयन निर्धारित मानकों पर प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पांचों पंचायतों में किसे पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा या पांचवां स्थान मिला है।
किस ग्राम पंचायत को कितनी मिलेगी धनराशि?
योजना के तहत पुरस्कार राशि अलग-अलग स्थानों के आधार पर निर्धारित की गई है। प्रथम स्थान हासिल करने वाली ग्राम पंचायत को 35 लाख रुपये, दूसरे स्थान वाली पंचायत को 30 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाली पंचायत को 20 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह चौथे स्थान वाली ग्राम पंचायत को 15 लाख रुपये और पांचवें स्थान पर चयनित पंचायत को 10 लाख रुपये की धनराशि मिलेगी। इस प्रकार पांचों पंचायतों को मिलाकर कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित है। इस अतिरिक्त धनराशि से गांवों में विकास कार्यों को गति देने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छह चरणों की जांच के बाद हुआ चयन
बरेली जिले की 121 ग्राम पंचायतों ने मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया के दौरान पंचायतों के कामकाज और विकास गतिविधियों का विभिन्न स्तरों पर मूल्यांकन किया गया। इसमें ऑनलाइन आवेदनों की जांच से लेकर जनपद स्तरीय समिति के आकलन तक की प्रक्रिया शामिल रही। इसके बाद स्थलीय सत्यापन और रैंडम जांच के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुसार पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। कई चरणों से गुजरने के बाद अंतिम सूची में पांच ग्राम पंचायतों को जगह मिली। इस प्रक्रिया का उद्देश्य बेहतर काम करने वाली पंचायतों की पहचान करना और अन्य ग्राम पंचायतों को भी विकास कार्यों में सुधार के लिए प्रेरित करना है।
स्वच्छता से लेकर जल संरक्षण तक, इन कार्यों पर फोकस
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को विकास और सुशासन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत स्वच्छता, जल संरक्षण,बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सुशासन जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्यों को महत्व दिया जाता है।पुरस्कार के रूप में मिलने वाली धनराशि से चयनित पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।इससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था, जल संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलने की संभावना है।
दूसरी ग्राम पंचायतों को भी मिलेगी प्रेरणा
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार जैसी योजनाएं ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। पुरस्कार के रूप में मिलने वाली अतिरिक्त धनराशि से चयनित गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, अन्य ग्राम पंचायतों को भी निर्धारित मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत बरेली की पांच ग्राम पंचायतों का चयन ग्रामीण विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब इन पंचायतों को मिलने वाली पुरस्कार राशि का उपयोग गांवों की जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप किया जाना अहम होगा।
