कमिश्नर शंभु कुमार ने मंडलीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, बरेली मंडल के 568 धान क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कराने और किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पर जोर
बरेली : धान खरीद में लापरवाही, किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में देरी और सरकारी योजनाओं की धीमी प्रगति पर अब अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। बरेली मंडल के कमिश्नर शंभु कुमार ने को विकास भवन सभागार में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के सभी धान क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कराने, किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शत -प्रतिशत पूरी करने और गौवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाने के लिए अभियान चलाने को कहा। वहीं, त्योहारी सीजन को देखते हुए अवैध शराब की बिक्री और शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग के खिलाफ जांच व छापेमारी करने के निर्देश भी दिए।
मंडल के 568 धान क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू कराने के निर्देश
मंडलीय समीक्षा बैठक में सबसे पहले धान खरीद की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बरेली मंडल के चार जिलों में कुल 568 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बरेली में 140, बदायूं में 45, पीलीभीत में 160 और शाहजहांपुर में 223 केंद्र शामिल हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन केंद्रों पर अभी तक धान खरीद शुरू नहीं हुई है, वहां देरी के कारणों का पता लगाकर तत्काल खरीद शुरू कराई जाए।उन्होंने सभी केंद्रों पर शत -प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही केंद्र प्रभारियों और अन्य कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। संवेदनशील धान क्रय केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने पर प्रभावित हो सकती है किसान सम्मान निधि
बैठक में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बीज और खाद प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक है। इसके अभाव में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलने में भी परेशानी हो सकती है। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
601 गांवों में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्य कराने पर जोर
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बरेली मंडल में कुल 601 गांव चिन्हित किए गए हैं।मंडलायुक्त ने इन गांवों में योजना के तहत निर्धारित कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं, छात्रवृत्ति वितरण की समीक्षा में बदायूं जिले की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने और प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए।
गड्ढामुक्त अभियान के कार्य जमीन पर दिखने चाहिए
सड़कों की पैच मरम्मत और रोड रेस्टोरेशन कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि गड्ढामुक्त अभियान के तहत कराए जाने वाले कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, लेकिन इसके साथ ही काम की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति भी जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RES) के उन मार्गों की सूची अधिशासी अभियंता, जल निगम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जहां जल जीवन मिशन के तहत रोड रेस्टोरेशन का कार्य कराया जाना है। इससे संबंधित सड़कों की पहचान कर मरम्मत कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकेगा। जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी स्थापित करने के लिए भूमि कटान वाले स्थानों के चयन पर भी ध्यान देने को कहा गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि यदि किसी स्थान पर टैंक निर्माण के लिए भूमि कटान की समस्या है, तो वहां निर्माण कराने के बजाय उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर टैंक स्थापित कराया जाए।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में बैंक स्तर पर लंबित मामलों की होगी समीक्षा
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा में बताया गया कि बरेली मंडल के लिए कुल 55,738 का लक्ष्य निर्धारित है। बैठक में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में योजना की प्रगति तथा वेंडर, विद्युत विभाग और बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान बरेली और शाहजहांपुर में बैंक स्तर पर मामलों के लंबित होने की बात सामने आई। इस पर मंडलायुक्त ने अगली बैठक में लीड बैंक मैनेजर को भी बुलाने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके। गौवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाने के लिए चलेगा अभियान पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि बरेली मंडल में कुल 524 गौआश्रय स्थल संचालित हैं। मंडलायुक्त ने गौवंशों की सुरक्षा और देखभाल से जुड़े कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी ठंड और कोहरे के मौसम में दृश्यता कम होने से सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में गौवंशों को रेडियम बेल्ट पहनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे रात और कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद पशु दूर से दिखाई दे सकें। सहभागिता योजना के तहत पशुपालकों को दिए गए गौवंशों के भत्ते का भुगतान सुनिश्चित करने, बदायूं में एफएमडी टीकाकरण के आठवें चरण में तेजी लाने और वीबीजीआरजी के माध्यम से गौशालाओं तक मार्ग निर्माण कराने के निर्देश दिए गए।पीलीभीत और शाहजहांपुर में इस संबंध में प्रस्ताव बढ़ाने को भी कहा गया।
गौशालाओं में ठंड से बचाव के लिए शेड, तिरपाल और अलाव की व्यवस्था
मंडलायुक्त ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि गौशालाओं में गौवंशों को ठंड से बचाने के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसके लिए शेड और तिरपाल की व्यवस्था करने, पशुओं को ताजा पानी उपलब्ध कराने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिए कि गौवंशों को खुले में न रखा जाए और जरूरत के अनुसार पर्याप्त संख्या में शेड बनवाए जाएं। ठंड के मौसम में पशुओं को गुड़ देने तथा अधिक ठंड पड़ने पर अलाव की व्यवस्था करने को भी कहा गया।मंडलायुक्त ने सभी डीएम को इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
डेंगू-मलेरिया पर विशेष फोकस, बच्चों को पूरे कपड़े पहनकर स्कूल भेजने की अपील
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अभियान का विस्तार 15 नवंबर तक कर दिया गया है। बैठक में जानकारी दी गई कि जापानी इंसेफेलाइटिस का कोई मामला चिन्हित नहीं हुआ है, जबकि मलेरिया की स्क्रीनिंग बढ़ाने की जरूरत है। डेंगू के मामलों में वृद्धि को देखते हुए मंडलायुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने और रोकथाम के उपाय तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तथा अभिभावकों को जागरूक करने को कहा। अभिभावकों से बच्चों को पूरे बाजू के कपड़े और पैरों को ढकने वाले कपड़े पहनाकर स्कूल भेजने की अपील करने के निर्देश दिए, ताकि मच्छरों के काटने से होने वाले संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।
23 निर्माण कार्य पूरे, लेकिन हैंडओवर नहीं,औपचारिकताएं पूरी कराने के निर्देश
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि मंडल में 23 ऐसे कार्य हैं, जो पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक संबंधित विभागों को हैंडओवर नहीं किए गए हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इन कार्यों के लंबित रहने के कारणों की पहचान की जाए। जिस स्तर पर भी प्रक्रिया रुकी हुई है, वहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर कार्यों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाए। इसके साथ ही अन्य निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और प्रगति की भी समीक्षा की गई।
त्योहारों पर अवैध शराब और ओवररेटिंग के खिलाफ होगी जांच
त्योहारी सीजन को देखते हुए मंडलायुक्त ने आबकारी विभाग को अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए छापेमारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने यानी ओवररेटिंग की शिकायतों की जांच करने पर भी जोर दिया। बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, आबकारी, परिवहन, नगर निकायों की वसूली और आरसी वसूली सहित विभिन्न राजस्व मदों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने राजस्व संग्रह बढ़ाने और लंबित वसूली के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
टैक्स के दायरे से बाहर कॉलोनियों को शामिल करने के निर्देश
नगर निकायों की राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने शाहजहांपुर के नगर आयुक्त को वन टाइम सेटलमेंट योजना पर अधिक ध्यान देने और जोनवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कॉलोनियों की पहचान की जाए, जहां लोगों को नगर निकाय की सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन वे अभी तक टैक्स के दायरे में नहीं आई हैं। ऐसी कॉलोनियों को नियमानुसार कर व्यवस्था के दायरे में लाकर राजस्व वसूली बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
मंडलीय समीक्षा बैठक में डीएम बरेली,बदायूं,पीलीभीत और शाहजहांपुर के अलावा चारों जिलों के मुख्य विकास अधिकारी, बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
