मुरादाबाद के मूंढापांडे में हाईवे पर हुआ हादसा, नींद में सो रहे यात्रियों में मची अफरातफरी, पिछले पहिए जाम होने से आग लगने की आशंका, जांच समिति गठित
बरेली : यूपी के बरेली से दिल्ली जा रही रोडवेज (उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) की जनरथ बस में बुधवार आधी रात के बाद मुरादाबाद के मूंढापांडे इलाके में अचानक आग लग गई।हाईवे पर चलती बस में आग देखकर यात्रियों में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। घटना के समय बस में 32 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बस के पिछले पहियों के जाम होने के कारण घर्षण से आग लगने की आशंका जताई जा रही है हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद रोडवेज प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
चलती बस में आग से मची अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, बरेली डिपो की जनरथ बस बुधवार रात यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। रात में जब बस मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में हाईवे से गुजर रही थी, तभी उसमें आग लग गई। उस समय अधिकांश यात्री नींद में थे।अचानक आग की स्थिति बनने से यात्रियों में घबराहट फैल गई। बस रुकने के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस घटना में सभी 32 यात्रियों की जान बच गई।
बरेली डिपो की वर्कशॉप पर उठे सवाल
इस घटना ने बरेली डिपो की बसों के रखरखाव और वर्कशॉप में होने वाली मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में बरेली-कानपुर रूट पर चलने वाली एसी जनरथ बस में भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है। इसके अलावा बरेली परिक्षेत्र की बसों में तकनीकी खराबी के मामले लगातार सामने आने की बात कही जा रही है।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मरम्मत संबंधी दिक्कतों के कारण रोजाना 10 से अधिक बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं।मंगलवार को दो बसों का स्टेयरिंग फेल होने की घटनाए सामने आई थीं, जबकि बुधवार को तीन बसों के टायर फटने की जानकारी मिली। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बसों की नियमित जांच, समय पर सर्विसिंग और तकनीकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच समिति करेगी लापरवाही की पड़ताल
जनरथ बस में आग लगने की घटना को रोडवेज प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद अजीम के मुताबिक, मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है।जांच में यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि बस की यात्रा से पहले तकनीकी जांच हुई थी या नहीं, पिछले पहियों में खराबी के संकेत पहले से मौजूद थे या नहीं और वर्कशॉप में बस की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
एक के बाद एक बसों मे तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आने के बाद रोडवेज की कार्यशालाओं में मरम्मत व्यवस्था की प्रभावी निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि बसों को रूट पर भेजने से पहले ब्रेक, स्टेयरिंग, टायर, पहियों और अन्य जरूरी तकनीकी हिस्सों की गंभीरता से जांच की जाए।जनरथ बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार व्यवस्था में खामियां कहां हैं?
