मौलाना आजाद और तिलक इंटर कॉलेज में प्रगणकों-सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण का निरीक्षण,डीएम अविनाश सिंह ने 40 सवाल निर्धारित प्रक्रिया से पूछने और दस्तावेज न मांगने के दिए निर्देश, शिक्षामित्र संघ ने ड्यूटी में बदलाव की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
बरेली : जनगणना-2027 की तैयारियों के बीच बरेली में प्रशासन ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण की निगरानी तेज कर दी है। वहीं, जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी लगाए जाने को लेकर शिक्षामित्रों ने नाराजगी जताई है। डीएम अविनाश सिंह ने बुधवार को मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और तिलक इंटर कॉलेज पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्मिकों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने ड्यूटी निर्धारण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट और बीएसए कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। संघ ने दूरदराज के ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों को नगर निगम क्षेत्र में ड्यूटी देने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
डीएम ने दोनों कॉलेजों में प्रशिक्षण व्यवस्था का किया निरीक्षण

डीएम अविनाश सिंह ने 21 अक्टूबर को मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और तिलक इंटर कॉलेज में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया। उन्होंने प्रशिक्षण कक्षों में पहुंचकर प्रशिक्षण प्रक्रिया देखी और कार्मिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में मदद मिलती है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 21, 22 और 24 अक्टूबर को आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रगणक और सुपरवाइजर पूरी गंभीरता से भाग लें। प्रशिक्षण के दौरान किसी भी विषय पर संदेह होने पर प्रशिक्षकों से उसका समाधान जरूर प्राप्त करें, ताकि वास्तविक जनगणना कार्य के दौरान परेशानी न हो।
जनगणना में पूछे जाएंगे निर्धारित 40 सवाल, दस्तावेज मांगने पर रोक
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्मिकों को जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान निर्धारित 40 प्रश्न पूछे जाने हैं। सभी कार्मिक इन्हीं निर्देशों के अनुसार जानकारी एकत्र करें और किसी भी प्रकार के दस्तावेज या प्रमाण की मांग न करें। डीएम ने कहा कि प्रत्येक कार्मिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी लोग सकारात्मक दृष्टिकोण और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशिक्षण में शामिल कार्मिकों की सुविधा के लिए दोनों प्रशिक्षण स्थलों पर नाश्ते और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. अविनाश त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम संत रंजन सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्रों में नाराजगी

दूसरी ओर, जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी लगाए जाने के तरीके पर शिक्षामित्रों ने सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का आरोप है कि ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और दूर के ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों को नगर निगम क्षेत्र में भेज दिया गया। संघ के जिलाध्यक्ष कपिल यादव के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा बीएसए कार्यालय में भी ज्ञापन देकर अपनी मांगें रखीं।
60 से 70 किलोमीटर दूर ड्यूटी को बताया अव्यावहारिक
जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि दमखोदा, नवाबगंज, मीरगंज और बहेड़ी जैसे दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों की ड्यूटी नगर निगम क्षेत्र में लगाए जाने से उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। उनके मुताबिक, कुछ शिक्षामित्रों को अपने गांव या तैनाती स्थल से लगभग 60 से 70 किलोमीटर दूर जाकर ड्यूटी करनी पड़ सकती है। संघ ने इस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए प्रशासन से ड्यूटी निर्धारण पर पुनर्विचार करने की मांग की है। हालांकि, संबंधित शिक्षामित्रों की वास्तविक दूरी और ड्यूटी आवंटन की स्थिति का आधिकारिक विवरण ज्ञापन में दिए गए आरोपों से अलग से सत्यापित नहीं है।
तैनाती स्थल के आसपास ड्यूटी लगाने की मांग

जिला महामंत्री कुमुद केशव पांडे ने मांग की कि शिक्षामित्रों को उनके तैनाती स्थल के आसपास ही जनगणना कार्य में लगाया जाए। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को आने-जाने में कम परेशानी होगी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। संघ ने महिला शिक्षामित्रों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि लंबी दूरी तय करके रोजाना ड्यूटी करना कई शिक्षामित्रों के लिए कठिन हो सकता है। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों और आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखकर ड्यूटी आवंटित की जानी चाहिए।
प्रशासन के सामने प्रशिक्षण और ड्यूटी व्यवस्था की चुनौती
जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन एक ओर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ड्यूटी आवंटन को लेकर शिक्षामित्रों की आपत्तियां सामने आई हैं। अब देखना होगा कि शिक्षामित्र संघ की मांगों पर संबंधित अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष कपिल यादव, जिला महामंत्री कुमुद केशव पांडे, सीमा सक्सेना, सर्वेश पटेल, सरवन कुमार, रवि शंकर मिश्रा, रीना, बसंती, सविता, सुनीता, रामकिशन और प्रतिष्ठा सहित कई शिक्षामित्र शामिल रहे।
